टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने की पहल, उपायुक्त ने की पोषण सहायता की अपील।
टीबी मरीजों को गोद लेकर पौष्टिक आहार और उपचार के दौरान सहयोग देने का आह्वान, निक्षय मित्रों को किया सम्मानित।

पाकुड़। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में क्षय रोग टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त, पाकुड़ ने जिले के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं समाज के सक्षम नागरिकों से टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण सहायता उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह सामूहिक सहभागिता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विषय है।
उपायुक्त ने कहा कि टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने से उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने के साथ-साथ उपचार के दौरान उनका मनोबल भी बढ़ाया जा सकता है। समाज के सक्षम लोगों को इस अभियान से जुड़कर जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर उपायुक्त ने टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण सहायता प्रदान करने वाले पदाधिकारियों को भारत सरकार की ओर से जारी ‘निक्षय मित्र प्रमाण पत्र’ देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्रों की भागीदारी टीबी मरीजों को उपचार के दौरान सहयोग देने और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे प्रयास समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना की भावना को मजबूत करते हैं।
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्र बनकर कोई भी सक्षम व्यक्ति टीबी मरीजों को पोषण संबंधी सहायता प्रदान करने में योगदान दे सकता है। उपायुक्त ने जिले के सभी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से स्वेच्छा से इस अभियान से जुड़ने तथा अधिक से अधिक मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। साथ ही, उन्होंने सभी से निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों के स्वस्थ जीवन की राह आसान बनाने और ‘टीबी मुक्त पाकुड़’ एवं ‘टीबी मुक्त भारत’ के संकल्प को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।




