मुहर्रम को लेकर प्रशासन अलर्ट, शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील।
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में उपायुक्त और एसपी ने दिए कड़े निर्देश, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई।

पाकुड़। आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। इसी क्रम में समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न मुहर्रम कमेटियों, अखाड़ा समितियों, शांति समिति के सदस्यों, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया तथा पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात एवं जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुहर्रम कमेटियों एवं अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, एंबुलेंस सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था तथा जुलूस के निर्धारित मार्ग एवं समय को लेकर अपने सुझाव रखे। सभी प्रतिनिधियों ने आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मुहर्रम मनाने की प्रतिबद्धता जताई।

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि समितियों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए प्रशासन बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों एवं शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
उपायुक्त ने सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को पर्व के दौरान पूरी सतर्कता बरतने, संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारी एवं पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया। साथ ही जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने नगर परिषद को साफ-सफाई एवं आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। ताजिया की ऊंचाई का पूर्व सत्यापन, विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन तथा समिति स्तर पर स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उन्हें पहचान पत्र उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी जुलूस केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों पर ही निकाले जाएंगे। प्रत्येक थाना क्षेत्र के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे ताकि लोगों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता मिल सके। उन्होंने सभी नागरिकों से शांतिपूर्वक एवं अनुशासित तरीके से मुहर्रम मनाने की अपील की।उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुहर्रम के दिन जिले की सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी।
पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने कहा कि जिले में शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी समितियों से अनुरोध किया कि जुलूस निर्धारित समय पर शुरू हों और समय पर समाप्त भी किए जाएं।
एसपी ने बताया कि पर्व के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों एवं जुलूस मार्गों की निगरानी ड्रोन कैमरों के माध्यम से की जाएगी। धार्मिक स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों पर विशेष चौकसी बरती जाएगी।

पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी विवादास्पद या भ्रामक संदेश को साझा न करें। ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल संबंधित थाना, जिला प्रशासन अथवा डायल-112 को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक गीत-संगीत का उपयोग नहीं किया जाएगा तथा सभी थाना क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) का गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में न ले और किसी भी घटना की सूचना तुरंत प्रशासन या पुलिस को दे।
बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला नजारत उप समाहर्ता, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर परिषद प्रशासक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थाना प्रभारी सहित जिले के गणमान्य नागरिक एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।



