जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक: हर घर जल और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त के सख्त निर्देश।
योजनाओं में डुप्लीकेसी रोकने, गुणवत्ता सुधारने और समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया गया जोर।

पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन से संबंधित योजनाओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और विभागीय समन्वय की विस्तार से समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं में किसी भी प्रकार की डुप्लीकेसी या ओवरलैप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर इसकी निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि संसाधनों का सही उपयोग हो सके। इसके साथ ही एसवीएस क्लस्टर रिपोर्ट, प्रखंड स्तरीय योजनाओं और घर-घर जल कनेक्शन की प्रगति का समुचित मूल्यांकन करने पर जोर दिया गया।
बैठक में पाकुड़ सम्पूर्ण अच्छादन बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना से जुड़े भूमि संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं लिट्टीपाड़ा एमभीएस योजना के अंतर्गत वेयर संचालन को लेकर सिंचाई विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट (तरल अपशिष्ट प्रबंधन) के कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं प्रगतिशील बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केवल एक विकास योजना नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के स्वास्थ्य, सम्मान और जीवन स्तर से सीधा जुड़ा हुआ है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में समन्वय, गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।
उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य पाकुड़ को “शत-प्रतिशत हर घर जल एवं स्वच्छता संपन्न जिला” बनाना है। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।
यह बैठक जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे जिले में स्वच्छ पेयजल उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।




