डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद, अब मोबाइल ऐप और पोर्टल से होगी गणना, 1 से 15 मई तक ‘स्व-गणना’ का सुनहरा अवसर।
साहिबगंज जिले में 16 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे, 3083 कर्मी होंगे तैनात, पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी पूरी जनगणना प्रक्रिया।

साहिबगंज।भारत की जनगणना, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्रशासनिक कार्य माना जाता है, अब आधुनिक तकनीक के साथ एक नए युग में प्रवेश कर रही है। जनगणना अधिनियम, 1948 और जनगणना नियमावली, 1990 के तहत संचालित होने वाली जनगणना 2027 इस बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
इस ऐतिहासिक पहल के तहत पहली बार नागरिकों को ‘स्व-गणना (Self Enumeration)’ की सुविधा प्रदान की गई है, जिसकी शुरुआत 01 मई 2026 से हो चुकी है और यह 15 मई 2026 तक जारी रहेगी।
जनगणना 2027 में आम नागरिकों को se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर दिया गया है।
इस प्रक्रिया में नागरिकों को कुल 33 सरल प्रश्नों के उत्तर देने होंगे, जिनमें शामिल हैं मकान की स्थिति और स्वामित्व, परिवार के सदस्यों की संख्या व विवरण, उपलब्ध सुविधाएँ टीवी, इंटरनेट, लैपटॉप आदि, उपयोग में आने वाले साधन साइकिल, मोटरसाइकिल, मुख्य खाद्यान्न और मोबाइल नंबर, यह पहल पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
जनगणना 2027 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, पहला चरण (मकान सूचीकरण एवं गणना) 16 मई 2026 से 14 जून 2026, दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027
इस दौरान प्रगणक और पर्यवेक्षक कागजी फॉर्म के बजाय मोबाइल उपकरणों का उपयोग कर डेटा सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपलोड करेंगे।
साहिबगंज जिले में व्यापक तैयारियां,साहिबगंज जिला में जनगणना को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है जिले को 12 चार्ज में विभाजित किया गया है, 3 शहरी क्षेत्र: साहिबगंज, राजमहल, बरहरवा, 9 ग्रामीण प्रखंड: साहिबगंज, मंडरो, बोरियो, बरहेट, तालझारी, राजमहल, बरहरवा, पतना, उधवा, कुल 3246 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) बनाए गए हैं
3083 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, 66 प्रशिक्षण बैच गठित किए गए हैं, 44 फील्ड ट्रेनर्स द्वारा 27 अप्रैल से 9 मई 2026 तक प्रशिक्षण जारी है, प्रशिक्षण के बाद सभी कर्मी 16 मई से अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर सर्वे कार्य शुरू करेंगे।
उपायुक्त की अपील दीपक कुमार दुबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना 2027 देश के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आधार है। डिजिटल माध्यम से हो रही इस जनगणना में ‘स्व-गणना’ नागरिकों के लिए एक सशक्त अवसर है। आपकी सही जानकारी आने वाले वर्षों की योजनाओं और संसाधनों के वितरण को प्रभावित करती है।”
उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे 1 से 15 मई तक स्व-गणना का अधिकतम उपयोग करें और 16 मई से घर-घर आने वाले प्रगणकों को पूरा सहयोग दें।
डिजिटल जनगणना 2027 न केवल तकनीकी दृष्टि से एक बड़ा बदलाव है, बल्कि यह नागरिक भागीदारी को भी नई ऊंचाई देने वाला कदम है। सही और सटीक जानकारी देकर हर नागरिक देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आपकी एक जानकारी, देश के भविष्य की दिशा तय करती है।




