साहिबगंज में URMP के अंतर्गत मल्टी-स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप की प्रथम बैठक संपन्न।
उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में बैठक।

साहिबगंज। अर्बन रिवर मैनेजमेंट प्लान (URMP) के अंतर्गत मल्टी-स्टेकहोल्डर वर्किंग ग्रुप (MSWG) की प्रथम बैठक उप-विकास आयुक्त सतीश चंद्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी, नगर निकायों के प्रतिनिधि, National Institute of Urban Affairs के अधिकारी, परामर्शदाता संस्था Alluviam के प्रतिनिधि, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज एवं नगर पंचायत राजमहल के कार्यपालक पदाधिकारी तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (नमामि गंगे) सहित अन्य हितधारक शामिल हुए।
बैठक में URMP के तहत शहर-स्तरीय समेकित नदी प्रबंधन की विस्तृत रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया। इस योजना में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया गया, गंगा नदी की जल गुणवत्ता में सुधार, पर्यावरणीय प्रवाह को बनाए रखना, शहरी क्षेत्रों से प्रदूषण भार में कमी लाना,नदी तट क्षेत्रों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन,जल आधारित पर्यटन को स्थानीय आजीविका से जोड़ते हुए सतत एवं नियंत्रित विकास बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की भूमिका योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में केंद्रीय और निर्णायक होगी।

नगर परिषद साहिबगंज एवं नगर पंचायत राजमहल के कार्यपालक पदाधिकारियों को अपने-अपने नगर के लिए नोडल निकाय नामित किया गया। इन नोडल निकायों के माध्यम से निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे योजना का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय एवं नियमित प्रगति समीक्षा, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुदृढ़ करना, विशेष रूप से नगर निकायों को ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, नालों के उपचार (drain management), बिना उपचारित अपशिष्ट को नदी में प्रवाहित होने से रोकना, तथा मुख्य प्रदूषण स्रोतों की पहचान और नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वार्ड स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने, नागरिकों में जागरूकता फैलाने और व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित करने में नगर निकायों की सक्रिय भूमिका रहेगी। प्रत्येक संबंधित विभाग और निकाय को अपने-अपने दायित्वों के अनुसार आवश्यक आंकड़े समयबद्ध रूप से परामर्शदाता संस्था Alluviam को उपलब्ध कराने होंगे, ताकि योजना निर्माण और क्रियान्वयन को सुदृढ़ किया जा सके।
बैठक के अंत में सभी हितधारकों ने एकजुट प्रयासों के माध्यम से शहरी नदी पारिस्थितिकी के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




