पीवीटीजी कार्यक्रम के तहत आयुष विभाग ने स्वास्थ्य जागरूकता अभियान शुरू किया।
महिलाओं और किशोरियों में व्यक्तिगत स्वच्छता और मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर विशेष पहल।

पाकुड़। सदर प्रखंड के शहरकोल पंचायत में सोमवार को पीवीटीजी (Primitive Vulnerable Tribal Groups) कार्यक्रम के अंतर्गत आयुष विभाग द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले की जनजातीय महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और मासिक धर्म प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने 41 बच्चियों और महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन और अंडरगार्मेंट वितरित किए। इस वितरण का उद्देश्य केवल वस्त्र या सामग्री प्रदान करना नहीं है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण से बचाव के महत्व के प्रति जागरूक करना भी है।

आयुष विभाग के स्वास्थ्यकर्मियों ने उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, संक्रमण से बचाव, और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही, उन्हें नियमित रूप से स्वच्छता अपनाने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. सुजीत कुमार चौहान, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. अबू तालिब शेख, डॉ. कुलेश कुमार और आयुष विभाग के अन्य अधिकारी एवं सहिया उपस्थित रहे। उन्होंने इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पीवीटीजी कार्यक्रम के अंतर्गत यह पहल जनजातीय समुदाय की महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि महिलाओं और किशोरियों की जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।




