स्वास्थ्य जागरूकता के लिए आयुष विभाग की पहल: जिलेभर में योग प्रशिक्षण से लोगों को मिला स्वस्थ जीवन का संदेश।
पाकुड़ सहित 39 स्थानों पर आयोजित विशेष कार्यक्रम, योगासन–प्राणायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और मानसिक संतुलन बनाए रखने पर दिया गया जोर।

पाकुड़। स्वस्थ शरीर ही सफल जीवन की आधारशिला है” इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए आयुष विभाग, पाकुड़ द्वारा जिलेभर में व्यापक स्तर पर योग एवं आयुष चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
आयुर्विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित इस पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना तथा प्राकृतिक उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देना है।
बुधवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों पाकुड़, पाकुड़िया, हिरणपुर, महेशपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा सहित कुल 39 स्थानों पर योग प्रशिक्षकों द्वारा नागरिकों को योग का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान लोगों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, तनाव में कमी आती है और मानसिक संतुलन बेहतर बना रहता है। साथ ही, योग से सकारात्मक सोच का विकास होता है, जो जीवन को अधिक संतुलित और सफल बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान आयुष विभाग के पदाधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करें और स्वस्थ समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस प्रकार, आयुष विभाग की यह पहल न केवल लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही है, बल्कि प्राकृतिक और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को भी समाज में पुनः स्थापित करने का कार्य कर रही है।



