जन समाधान दिवस में उपायुक्त ने सुनी आमजन की समस्याएं, त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश।
आवेदनों की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच कर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश, लापरवाही पर जताई सख्ती।

पाकुड़ । समाहरणालय में मंगलवार को आयोजित जन समाधान दिवस के दौरान उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे आम नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। उपायुक्त ने आमजन से प्राप्त प्रत्येक आवेदन को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जन समाधान दिवस में बड़ी संख्या में नागरिकों ने व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ जनहित से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर अपने आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। इस दौरान लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखते हुए उनके समाधान की मांग की। प्राप्त आवेदनों में खेती करने से रोकने एवं पैतृक संपत्ति को ऑनलाइन दर्ज कराने, आंगनबाड़ी केंद्र गदरपाड़ा पश्चिम में सेविका पद पर चयन, इलाज के लिए आर्थिक सहायता, तालाब के जीर्णोद्धार सहित अन्य जनहित से जुड़े कई मामले शामिल रहे।

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने नागरिकों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन की निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण जांच कराते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आवेदनों के निष्पादन में केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय समस्या के वास्तविक कारणों की जांच कर नियमसम्मत एवं स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी आवेदन के निष्पादन में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा उदासीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से कार्रवाई करते हुए उसकी प्रगति एवं निष्पादन की स्थिति पर भी नजर रखने को कहा।
उन्होंने कहा कि जन समाधान दिवस प्रशासन और आमजन के बीच सीधे संवाद, विश्वास एवं जवाबदेही को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से नागरिक बिना किसी मध्यस्थ के अपनी समस्याओं को जिला प्रशासन के समक्ष रख सकते हैं। इससे न केवल समस्याओं को समझने में प्रशासन को सुविधा होती है, बल्कि उनके समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति भी सुनिश्चित होती है।

उपायुक्त ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि आम नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इसके लिए प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करते हुए संबंधित आवेदकों को नियमानुसार कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक न्याय, सुविधा एवं सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर और सुगमता से पहुंचाना है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जन समाधान दिवस के माध्यम से जिला प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आमजन की समस्याओं को सुनना, उनका समाधान करना और नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।



