स्वास्थ्य सेवाओं में लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर करें निष्पादन : उपायुक्त।
जिला स्वास्थ्य समिति, डीटीएफ एवं आयुष्मान भारत की समीक्षा बैठक में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने अधिकारियों को दिए समयबद्धता, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश।

साहिबगंज। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति, डीटीएफ एवं आयुष्मान भारत की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं, निर्माण कार्यों, लंबित भुगतान, स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, एम्बुलेंस संचालन एवं मरम्मत सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के अंतर्गत लंबित भुगतान का मामला सामने आया। सिविल सर्जन द्वारा उपायुक्त को अवगत कराया गया कि उक्त भुगतान की प्रक्रिया लंबित है तथा भुगतान जिला परिषद के माध्यम से किया जाना है। कार्यकारी एजेंसी जिला परिषद एवं संबंधित एजेंसी जिला अभियंता हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने उप विकास आयुक्त एवं सिविल सर्जन को समन्वय स्थापित कर एक सप्ताह के भीतर लंबित भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
तालझारी प्रखंड में भवन निर्माण कार्य से संबंधित भुगतान हो जाने की जानकारी बैठक में दी गई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित संवेदक को 15 दिनों के अंदर निर्माण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण नहीं होने की स्थिति में संबंधित अभियंता द्वारा संवेदक के विरुद्ध नियमानुसार काली सूची में डालने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में एम्बुलेंस मरम्मत से संबंधित प्राप्त विपत्रों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि संबंधित सभी विपत्रों की मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) से विधिवत जांच कराई जाए। जांच के बाद जांच प्रतिवेदन के साथ संबंधित पदाधिकारी अपना स्पष्ट मंतव्य प्रस्तुत करें, ताकि भुगतान एवं अन्य आवश्यक कार्रवाई नियमानुसार की जा सके।
जिले के जिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल की समस्या है, वहां आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को लेकर भी उपायुक्त ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल (पीएचईडी) के सहायक अभियंता के माध्यम से आवश्यक प्राक्कलन तैयार कराकर प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करें, ताकि स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मंडरो में एनटीपीसी द्वारा उपलब्ध कराए गए एम्बुलेंस के संचालन से संबंधित विषय पर भी चर्चा की गई। वाहन चालक की व्यवस्था एवं उनके मानदेय के लिए राशि उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि वैध ड्राइविंग लाइसेंस, नियुक्ति पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ पूर्ण प्रस्ताव उपलब्ध कराया जाए, ताकि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान विगत छह माह से लंबित आयुष्मान मित्रों के मानदेय भुगतान का मामला भी सामने आया। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए, ताकि आयुष्मान मित्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बैठक में सदर अस्पताल परिसर में स्थित पोस्टमार्टम हाउस के स्थानांतरण से संबंधित विषय पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को निर्देश दिया कि विशेष प्रमंडल के माध्यम से प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक प्राक्कलन तैयार कराया जाए तथा प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत किया जाए, ताकि पोस्टमार्टम हाउस के स्थानांतरण की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जा सके।
बैठक के अंत में उपायुक्त दीपक कुमार दूबे ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी कार्यों में समयबद्धता, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाना और आम लोगों को सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग एवं पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान, सभी प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी), स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।




