Welcome to Jharkhand Sahibganj News   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Sahibganj News
झारखंड

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय उधवा में यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बालिकाओं को अधिकार, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की दी गई जानकारी।

उधवा साहिबगंज। बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से उधवा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में बालिकाओं के सशक्तिकरण, आत्मरक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में घबराने के बजाय साहस और समझदारी के साथ उसका सामना करना चाहिए तथा अपने अधिकारों के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संरक्षण पदाधिकारी चंदा कुमारी ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य से संबंधित सही और उम्र के अनुरूप जानकारी मिलना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित वातावरण, बेहतर शिक्षा, उत्तम स्वास्थ्य और मजबूत संरक्षण बच्चों का मौलिक अधिकार है। समाज के प्रत्येक नागरिक को बच्चों के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने तथा जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा के लिए आत्मरक्षा के कौशल सीखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बालिकाओं से किसी भी प्रकार की परेशानी अथवा असुरक्षा की स्थिति में विश्वसनीय व्यक्ति एवं संबंधित सहायता केंद्रों तक जानकारी पहुंचाने की अपील की गई।

जागरूकता सत्र के दौरान छात्राओं को कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषयों पर सरल एवं उपयोगी जानकारी दी गई। इसमें गुड टच-बैड टच की समझ, बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रम का विरोध, यौन शोषण से बचाव तथा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी शामिल रही।

छात्राओं को पोक्सो अधिनियम और किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के बारे में भी बताया गया। उन्हें समझाया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित माध्यम से सहायता प्राप्त करना जरूरी है।

कार्यक्रम में बालिकाओं के हित में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर तथा दत्तक ग्रहण (एडॉप्शन) की प्रक्रिया और उद्देश्य के बारे में बताया गया।

इसके अलावा सखी वन स्टॉप सेंटर सहित विभिन्न सहायता सेवाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई, ताकि किसी अप्रिय घटना या संकट की स्थिति में समय पर संबंधित विभाग से सहायता प्राप्त की जा सके।

कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए माहवारी स्वच्छता प्रबंधन पर विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। छात्राओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, झिझक दूर करने तथा स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर छात्राओं के बीच सेनेटरी पैड का वितरण भी किया गया। साथ ही युवाओं को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल कानूनों और योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि बालिकाओं में आत्मविश्वास, जागरूकता और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी रहा। छात्राओं को संदेश दिया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से वे अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकती हैं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी  मो खालिद तथा चाइल्ड लाइन से मो. इकबाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मौके पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और अपने अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का संकल्प लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!