डुरंड कप देखने राँची रवाना हुए पाकुड़ डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्र के 50 प्रशिक्षु।
बड़े खेल आयोजनों से रूबरू होकर खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रेरणादायक अनुभव, आत्मविश्वास और खेल कौशल में होगा विकास।

पाकुड़। जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के बड़े खेल आयोजनों से परिचित कराने तथा उनमें खेल के प्रति उत्साह, आत्मविश्वास और प्रेरणा बढ़ाने के उद्देश्य से पाकुड़ डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्र के 50 प्रशिक्षुओं को ऐतिहासिक डुरंड कप फुटबॉल प्रतियोगिता देखने के लिए राँची रवाना किया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती एवं जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार ने हरी झंडी दिखाकर प्रशिक्षुओं से भरी बस को राँची के लिए रवाना किया।
इस एक्सपोजर विजिट के माध्यम से प्रशिक्षुओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खेल कौशल, अनुशासन, टीम भावना तथा प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। बड़े मंच पर खेल रहे खिलाड़ियों को करीब से देखकर प्रशिक्षु उनसे प्रेरणा ले सकेंगे तथा अपने खेल कौशल को और अधिक निखारने के लिए प्रेरित होंगे।
इस अवसर पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सभी प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बड़े खेल आयोजनों को प्रत्यक्ष रूप से देखना युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक अनुभव होता है। इससे खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने तथा बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होने का अवसर मिलता है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं से अनुशासन, मेहनत, निरंतर अभ्यास और खेल भावना के साथ प्रशिक्षण जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डुरंड कप देखने से प्राप्त अनुभव निश्चित रूप से खिलाड़ियों के भविष्य के लिए उपयोगी साबित होगा।
जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने कहा कि खेल के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर अभ्यास के साथ-साथ बड़े और अनुभवी खिलाड़ियों से सीखना भी आवश्यक है। डुरंड कप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता को प्रत्यक्ष रूप से देखने से प्रशिक्षुओं को खेल की बारीकियों, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा के उच्च स्तर को समझने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और सकारात्मक अनुभव लेकर लौटें।
जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार ने कहा कि डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्र के खिलाड़ियों को इस प्रकार के एक्सपोजर विजिट के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलता है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं से डुरंड कप के दौरान खिलाड़ियों के खेल कौशल, अनुशासन, टीमवर्क और खेल भावना को ध्यानपूर्वक देखने तथा उससे प्रेरणा लेकर अपने खेल को बेहतर बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आज जिन खिलाड़ियों को वे बड़े मैदान पर खेलते हुए देख रहे हैं, कल उसी मैदान पर खेलने का सपना वे भी देख सकते हैं। मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
डुरंड कप के इस एक्सपोजर विजिट को लेकर प्रशिक्षुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। राँची रवाना होने से पूर्व प्रशिक्षुओं ने इस अवसर के लिए जिला प्रशासन एवं जिला खेल कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
खेलकूद एवं युवाकार्य निदेशालय की यह पहल जिले की उभरती खेल प्रतिभाओं को बड़े खेल आयोजनों से जोड़ने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने तथा उन्हें भविष्य में उच्च स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है।




