झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन ने पाकुड़ में किया विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण
आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, पीडीएस दुकान एवं एमटीसी केंद्र का लिया जायजा; खाद्य सुरक्षा, पोषण और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।

पाकुड़। झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्य शबनम परवीन ने सदर प्रखंड, पाकुड़ अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा, पोषण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने रसीक टोला, सोनाजोड़ी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, मटियापहाड़ी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र, उत्क्रमित विद्यालय सोनाजोड़ी, मध्य विद्यालय मंगलापाड़ा, भगतपाड़ा स्थित जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान तथा सदर अस्पताल पाकुड़ स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एमटीसी) का जायजा लिया।

आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान प्रभारी अध्यक्ष ने बच्चों को मिलने वाले पूरक पोषण आहार, प्री-स्कूल शिक्षा, टीकाकरण, स्वच्छता व्यवस्था तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए।
उत्क्रमित विद्यालय सोनाजोड़ी एवं मध्य विद्यालय मंगलापाड़ा के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मध्याह्न भोजन (एमडीएम)/पीएम पोषण योजना के संचालन, भोजन की गुणवत्ता, निर्धारित मेन्यू, विद्यार्थियों की उपस्थिति, स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की।
उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित रूप से पौष्टिक भोजन एवं अंडा उपलब्ध कराया जाए, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार सुनिश्चित हो सके।

भगतपाड़ा स्थित जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान के निरीक्षण के दौरान उन्होंने खाद्यान्न का स्टॉक, वितरण व्यवस्था, वितरण पंजी एवं अन्य अभिलेखों की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों को निर्धारित मात्रा एवं गुणवत्ता के अनुसार खाद्यान्न का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सदर अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एमटीसी) के निरीक्षण के दौरान शबनम परवीन ने कुपोषित बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बच्चों के उपचार, पोषण तथा नियमित स्वास्थ्य निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के बाद परिसदन सभागार में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में खाद्य सुरक्षा, पोषण एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रभारी अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यार्थियों को नियमित रूप से पौष्टिक आहार के साथ अंडा उपलब्ध कराया जाए, ताकि बच्चों के पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार हो सके।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिले में किसी भी व्यक्ति की भूख के कारण मृत्यु नहीं होनी चाहिए। यदि कोई परिवार अत्यंत जरूरतमंद है और उसके पास भोजन की व्यवस्था नहीं है, तो उसे तत्काल राहत कोष के प्रावधानों के तहत 10 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ऐसे पात्र व्यक्तियों एवं परिवारों का राशन कार्ड प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र बनाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नियमित रूप से खाद्यान्न का लाभ मिल सके।
शबनम परवीन ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मानपूर्वक भोजन, पोषण एवं आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना है। आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, जन वितरण प्रणाली एवं स्वास्थ्य संस्थानों की जिम्मेदारी केवल योजनाओं का संचालन करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से मिले।

उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने तथा जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर उन्हें तत्काल राहत एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ), पाकुड़ सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



