राजमहल प्लस टू जेके उच्च विद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस पर तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन।
‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ के संदेश के साथ छात्र-छात्राओं ने दिखाया उत्साह और खेल प्रतिभा — विजेता प्रतिभागी हुए सम्मानित।

राजमहल साहिबगंज। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजमहल प्लस टू जेके उच्च विद्यालय में ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अभिजीत कुमार ने किया। प्रतियोगिता में कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने उत्साह और खेल भावना के साथ भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
तीन दिवसीय आयोजन के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न खेल एवं रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें पुश-अप, स्किपिंग, प्लैंक चैलेंज, पास द बॉल, स्पोर्ट्स बंधन, कबड्डी, वॉलीबॉल, योग एवं पीटी, रस्साकशी, तीरंदाजी, निबंध प्रतियोगिता तथा भाषण प्रतियोगिता सहित कई प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। विभिन्न वर्गों के छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिताओं में गर्मजोशी के साथ हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को खेल भावना, अनुशासन और देश के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में खेल शपथ का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने खेल के प्रति निष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अभिजीत कुमार ने खेलकूद के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि इससे विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का भी विकास होता है।
उन्होंने कहा कि खेलकूद में अनुशासन और निरंतर अभ्यास के माध्यम से ही व्यक्ति अपने परिवार, समाज और देश को गौरवान्वित कर सकता है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

विद्यालय के खेल शिक्षक अजय कुमार ने राष्ट्रीय खेल दिवस के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए मेजर ध्यानचंद के जीवन, व्यक्तित्व और खेल जगत में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई।
मौके पर विधायक प्रतिनिधि सह नगर पंचायत उपाध्यक्ष मो. मारूफ ने कहा कि राजमहल प्लस टू जेके उच्च विद्यालय का गौरवशाली इतिहास रहा है। इस विद्यालय के विद्यार्थी आज देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं देकर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। वर्तमान समय में भी विद्यालय के विद्यार्थी झारखंड में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील करते हुए कहा कि वे अनुशासन में रहकर पूरी लगन और मेहनत के साथ अपनी शिक्षा ग्रहण करें तथा जीवन में सफलता प्राप्त कर अपने माता-पिता, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करें।
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता एवं सफल प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। विधायक प्रतिनिधि मो. मारूफ, विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अभिजीत कुमार तथा विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सबिता मिश्रा ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को भविष्य में भी खेलकूद एवं शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक मो. फईमुद्दीन ने किया। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक अरशद आलम, जाहिद राजा, मोहम्मद वाहिद, अजय कुमार, शिखा कुमारी, मौमिता साहा, जावेद अख्तर, मो. फईमुद्दीन, सकलदीप पासवान, मो. इम्तियाज सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष सबिता मिश्रा, मुकेश कुमार दास, मिठू शाह, मो. फराहीम सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों में खेल के प्रति उत्साह, अनुशासन, प्रतिस्पर्धा की भावना और आत्मविश्वास को बढ़ाने का कार्य किया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश रहा कि खेल और शिक्षा दोनों के समन्वय से ही विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास संभव है।



