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झारखंड

साहिबगंज-गोड्डा-दुमका मेगा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का उपायुक्त ने किया निरीक्षण।

निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने, वन स्वीकृति संबंधी बाधाओं के त्वरित समाधान एवं निर्माण कार्यों में तेजी लाने का दिया निर्देश।

साहिबगंज। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित साहिबगंज-गोड्डा-दुमका मेगा बल्क ग्रामीण जलापूर्ति योजना की प्रगति का जायजा लेने के लिए उपायुक्त, साहिबगंज ने शनिवार को तालझारी प्रखंड में निर्माणाधीन विभिन्न परियोजना स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति एवं समयबद्धता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने तालझारी प्रखंड के बुट्सी गांव में निर्माणाधीन ग्राउंड सर्विस रिजर्वायर (GSR-A) तथा चमडी गांव में निर्माणाधीन ग्राउंड सर्विस रिजर्वायर (GSR-B) का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, साहिबगंज तथा परियोजना प्रबंधक, एल एंड टी (L&T) ने उन्हें योजना की वर्तमान स्थिति एवं प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से साहिबगंज जिले के तालझारी, बोरियो एवं मण्डरो प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत राजमहल प्रखंड की ग्राम पंचायत पूर्वी नारायणपुर स्थित बेंगडुब्बी में निर्माणाधीन इनटेक जेट्टी से जल संग्रहित कर बुट्सी पहाड़ स्थित GSR-A तक पहुंचाया जाएगा।

इसके बाद अत्याधुनिक पम्पिंग व्यवस्था के माध्यम से पानी को चमडी गांव स्थित GSR-B तक पहुंचाया जाएगा, जहां से तालझारी एवं बोरियो प्रखंड के विभिन्न गांवों में पेयजल आपूर्ति की जाएगी। वहीं, बोआरीजोर स्थित GSR-C के माध्यम से मण्डरो प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों तक जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान कार्यपालक अभियंता ने उपायुक्त को इनटेक जेट्टी के एप्रोच ब्रिज निर्माण तथा पाइपलाइन बिछाने के कार्य में आ रही विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक चुनौतियों से अवगत कराया। विशेष रूप से वन क्षेत्र से जुड़े मामलों के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी गई।

इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे वन प्रमंडल पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर वन स्वीकृति (Forest Clearance) से संबंधित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि परियोजना कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

उपायुक्त ने मण्डरो, बोरियो एवं तालझारी प्रखंडों में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) तथा डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन नेटवर्क के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को कार्य-योजना के अनुरूप निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूर्ण करने का निर्देश दिया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि परियोजना के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि ग्रामीणों को दीर्घकालिक एवं सुरक्षित पेयजल सुविधा उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने परियोजना में कार्यरत श्रमिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने श्रमिकों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने पर बल दिया। इसके अलावा उपायुक्त ने बुट्सी स्थित GSR-A परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

उपायुक्त ने कहा कि साहिबगंज-गोड्डा-दुमका मेगा बल्क ग्रामीण जलापूर्ति योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि योजना के पूर्ण होने के बाद जिले के हजारों ग्रामीण परिवारों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आएगा।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश दिया कि परियोजना के सभी कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि ग्रामीण जनता को इसका लाभ शीघ्र मिल सके।

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