उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सुनी आमजन की समस्याएं, त्वरित एवं पारदर्शी समाधान के दिए निर्देश।

पाकुड़।समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जन समाधान दिवस के दौरान उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने सभी मामलों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जन समाधान दिवस में महेशपुर, पाकुड़िया, मालपहाड़ी सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं।

महेशपुर प्रखंड के ग्राम दमदमा निवासी रबिउल शेख ने अपने बैंक खाते पर लगे होल्ड को हटाने संबंधी आवेदन सौंपा। वहीं सलीन अंसारी ने पैतृक भूमि के लगभग पांच कट्ठा हिस्से पर जबरन सरकारी भवन निर्माण कराए जाने की शिकायत दर्ज कराई।
पाकुड़िया निवासी मदन प्रसाद भगत ने भूमि विवाद में निराधार एवं झूठे आरोप लगाकर प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की। दूसरी ओर महेशपुर प्रखंड अंतर्गत मोहुबना पहाड़िया टोला के प्रफुल्ल कुमार दास एवं अन्य ग्रामीणों ने पीसीसी सड़क पर पुनः पीसीसी कार्य कराए जाने में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।

इसके अलावा चांदालमारा पंचायत के भिलाई गांव निवासी रोबेट हेम्ब्रम एवं अन्य ग्रामीणों ने खराब ट्रांसफार्मर को बदलवाने की मांग रखी। मालपहाड़ी क्षेत्र की बुला बेवा ने भूमि विवाद से जुड़ा आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं दुमका जिले के गोपीकांदर निवासी लक्ष्मण प्रसाद भगत तथा जादूपुर निवासी उकील मुर्मू ने भी अपनी समस्याओं के समाधान हेतु उपायुक्त को आवेदन सौंपा।
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की नियमानुसार जांच कर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उपायुक्त ने कहा कि जन समाधान दिवस प्रशासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास एवं जवाबदेही को मजबूत करने का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर गंभीरता और गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े तथा उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।




