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झारखंड

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश।

जून माह के खाद्यान्न की शत-प्रतिशत डोर स्टेप डिलिवरी तथा जुलाई माह के खाद्यान्न उठाव को समय पर पूरा करने पर जोर।

पाकुड़। उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आपूर्ति विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, प्रभारी सहायक गोदाम प्रबंधक, उठाव प्रभारी एवं परिवहन सह हथालन अभिकर्ता उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र लाभुकों तक खाद्यान्न की समयबद्ध एवं निर्बाध आपूर्ति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जून 2026 माह के खाद्यान्न की शत-प्रतिशत डोर स्टेप डिलिवरी तथा जुलाई 2026 माह के खाद्यान्न का समय पर उठाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों एवं प्रभारी सहायक गोदाम प्रबंधकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर खाद्यान्न वितरण कार्य पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी पात्र लाभुक को राशन प्राप्त करने में कठिनाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही ऐसे जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया जो नियमित वितरण नहीं कर रहे हैं अथवा कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि राशन वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा शिकायत पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

खाद्यान्न के समयबद्ध उठाव एवं वितरण की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने परिवहन सह हथालन अभिकर्ता को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न परिवहन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता के अनुरूप वाहनों की संख्या बढ़ाकर उठाव एवं वितरण कार्य को समय पर पूरा किया जाए, ताकि लाभुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बैठक में विभागीय योजनाओं के अंतर्गत उपलब्ध कराई जा रही नमक, चना दाल, धोती-साड़ी एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों के वितरण की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी सामग्रियों का वितरण निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।

उन्होंने धोती-साड़ी योजना के अंतर्गत देय राशि दस दिनों के भीतर जमा कराने का निर्देश भी दिया। उपायुक्त ने कहा कि खाद्यान्न अथवा अन्य आवश्यक वस्तुओं के अभाव में किसी भी पात्र व्यक्ति को परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने ई-केवाईसी कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने पर बल देते हुए रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता बैनर लगाने का निर्देश दिया।

साथ ही श्रम विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर प्रवासी श्रमिकों (माइग्रेट लेबर) को ई-केवाईसी के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल करने को कहा, ताकि कोई भी पात्र लाभुक योजना के लाभ से वंचित न रहे।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के दाल-भात केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्हें मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद एवं गरीब लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि योजनाओं की सफलता नियमित अनुश्रवण, सतत निगरानी एवं जवाबदेह कार्य संस्कृति पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित औचक निरीक्षण करने तथा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संवेदनशीलता बनाए रखना सभी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, शिकायत या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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