नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा बैठक में गंगा संरक्षण एवं घाट विकास को लेकर अहम निर्देश।
गंगा घाटों पर स्वच्छता, जागरूकता और वृक्षारोपण अभियान को तेज करने का निर्देश।

साहिबगंज। समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में नमामि गंगे परियोजना अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंगा संरक्षण, स्वच्छता अभियान, जन-जागरूकता गतिविधियों तथा विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने गंगा नदी में किसी भी प्रकार के अपशिष्ट एवं नालों के प्रत्यक्ष प्रवाह को रोकने हेतु संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने तथा योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने साहिबगंज एवं राजमहल क्षेत्र में प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक विभागीय प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गंगा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए सीवेज प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में गंगा घाटों पर स्वच्छता, जागरूकता एवं जनसहभागिता आधारित कार्यक्रमों के आयोजन पर विशेष चर्चा की गई। उपायुक्त ने NSS, NCC, स्काउट गाइड एवं स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता से गंगा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।

उन्होंने गंगा घाटों पर वृक्षारोपण अभियान, स्वच्छता कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
बैठक में नमामि गंगे अंतर्गत संचालित IEC (Information, Education and Communication) गतिविधियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जन-जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने का निर्देश दिया। साथ ही गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, लाइटिंग व्यवस्था एवं आमजन की सुविधाओं से संबंधित प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने कहा कि गंगा नदी केवल आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि पर्यावरण, जैव विविधता एवं जनजीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। इसके संरक्षण एवं स्वच्छता के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास के साथ कार्य करना होगा।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि वे जल्द ही गंगा घाटों का विस्तृत निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य घाटों की वर्तमान स्थिति का आकलन करना तथा वहां संचालित एवं प्रस्तावित विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करना है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि घाटों का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आमजन की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था एवं स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

बैठक में जिला गंगा समिति के सदस्यगण, डीएफओ साहिबगंज, पुलिस अधीक्षक साहिबगंज, उप विकास आयुक्त, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, नगर परिषद साहिबगंज के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत राजमहल के कार्यपालक पदाधिकारी, डीपीओ नमामि गंगे सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।




