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झारखंड

बरहरवा रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई: 4 नाबालिग बच्चों को तस्करी से बचाया, 2 आरोपी गिरफ्तार।

मजदूरी के नाम पर हरियाणा और यूपी ले जाए जा रहे थे बच्चे, आरपीएफ की सतर्कता से हुआ खुलासा जीआरपी ने दर्ज किया मामला।

बरहरवा साहिबगंज। बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ द्वारा चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान मानव तस्करी के एक गंभीर मामले का पर्दाफाश हुआ है। इस कार्रवाई में चार नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें मजदूरी के नाम पर अन्य राज्यों में ले जाया जा रहा था। मौके से दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

रविवार की रात लगभग 21:30 बजे आरपीएफ बरहरवा के इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में टीम द्वारा स्टेशन परिसर में असामाजिक तत्वों, मानव तस्करी एवं अन्य अपराधों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि प्लेटफार्म संख्या 1 पर फुट ओवर ब्रिज के पास दो व्यक्ति चार नाबालिग लड़कों के साथ संदिग्ध अवस्था में बैठे हैं।

सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम एएसआई बिस्वनाथ टुडू, एएसआई सुरेश पासवान, कांस्टेबल अमरेश कुमार, एलसीटी अर्पण कुमारी, एलसीटी काजल कुमारी तथा बाल संरक्षण संस्था “बाल मंथन” की प्रतिनिधि आराधना मंडल मौके पर पहुंचीं। जांच में चारों बच्चे नाबालिग पाए गए, जिनकी उम्र 14 से 15 वर्ष के बीच है और सभी थाना बरहेट, जिला साहिबगंज के निवासी हैं।

पूछताछ में तीन बच्चों ने बताया कि मनोज साह (40 वर्ष) ने उन्हें अंबाला कैंट (हरियाणा) में मेडिकल दुकान में काम दिलाने के नाम पर 11,000–12,000 रुपये मासिक वेतन का लालच दिया था। वहीं चौथे बच्चे को मोहम्मद अताउल अंसारी (51 वर्ष) ने सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) में होटल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 9,000 रुपये मासिक का प्रलोभन दिया था।

आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे बच्चों को राज्य के बाहर मजदूरी के लिए ले जा रहे थे और इसके बदले उन्हें प्रत्येक बच्चे पर लगभग 8% कमीशन मिलता। उन्होंने यह भी माना कि इसके लिए किसी प्रकार की वैधानिक अनुमति या पंजीकरण नहीं लिया गया था।

यह मामला प्रथम दृष्टया मानव तस्करी, बाल श्रम एवं अन्य विधिक प्रावधानों के उल्लंघन का पाया गया। आरपीएफ द्वारा जीआरपी बरहरवा को लिखित शिकायत दी गई।

इसके बाद जीआरपी बरहरवा ने मामला दर्ज करते हुए केस संख्या 20/2026, दिनांक 04.05.2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 143(5), 3(5) तथा जेजे एक्ट की धारा 75/81 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

आरपीएफ की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से चार मासूम बच्चों को मानव तस्करी का शिकार होने से बचा लिया गया। यह घटना एक बार फिर समाज में जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

 

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