उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने किया प्रकृति विहार पार्क का निरीक्षण, सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
मैरेज हॉल निर्माण और हवामहल के जीर्णोद्धार पर विशेष जोर, पार्क को आकर्षण का केंद्र बनाने की पहल।

पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड स्थित डाकबंगला परिसर में अवस्थित प्रकृति विहार पार्क का शनिवार को उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क के रखरखाव, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण एवं चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पार्क की समग्र व्यवस्था का जायजा लेते हुए कहा कि इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए, ताकि यह आमजन, स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन सके। उन्होंने विशेष रूप से पार्क की हरियाली को बेहतर बनाए रखने, बैठने की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क में आने वाले लोगों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुखद वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पार्क का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित न रहकर जनसुविधाओं के विस्तार के रूप में होना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पार्क परिसर में मैरेज हॉल निर्माण की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि मैरेज हॉल के निर्माण से स्थानीय लोगों को सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए एक सुलभ और व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा, जिससे क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही उपायुक्त ने परिसर में स्थित ऐतिहासिक हवामहल का भी अवलोकन किया और उसके जीर्णोद्धार (रेनोवेशन) का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुराने एवं ऐतिहासिक महत्व के संरचनाओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है, ताकि उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान बनी रहे और आने वाली पीढ़ियां भी उनसे परिचित हो सकें।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि प्रकृति विहार पार्क को एक आदर्श और आकर्षक स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।



