प्रोजेक्ट परख 2.0: सीबीएसई 2026 के 29 मेधावी छात्र-छात्राओं का भव्य सम्मान, मेहनत और अनुशासन पर दिया गया जोर।
उपायुक्त मनीष कुमार व एसपी निधि द्विवेदी ने समाहरणालय सभागार में किया सम्मानित, विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र।

पाकुड़। प्रोजेक्ट परख 2.0 के अंतर्गत सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 29 मेधावी छात्र-छात्राओं को समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी एवं अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने संयुक्त रूप से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह जीवन में असीम संभावनाओं के द्वार खोलने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि हर विद्यार्थी की परिस्थितियां अलग होती हैं, लेकिन सही शिक्षा, सकारात्मक माहौल, अभिभावकों का आशीर्वाद और गुरुजनों का मार्गदर्शन सफलता की राह आसान बनाते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए अति-आत्मविश्वास से बचने तथा निरंतर अध्ययन करते रहने की सलाह दी।
उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि सफलता केवल अंकों से नहीं आंकी जाती, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि छात्र ने किन परिस्थितियों में यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी ने अपने अंकों में सुधार किया है, तो वह भी सराहना के योग्य है।
उन्होंने कक्षा 11 में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों को नई चुनौतियों के प्रति सजग रहने की सलाह दी और कहा कि नई कक्षा एक नई शुरुआत होती है, जहां मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन सफलता की कुंजी हैं।

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को मोबाइल से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने, अति-आत्मविश्वास से बचने और अपने करियर का चयन रुचि एवं क्षमता के अनुसार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए हर सीढ़ी को समझदारी से पार करना आवश्यक है।साथ ही अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों को प्रोत्साहित करें और उनकी रुचि के अनुरूप आगे बढ़ने में सहयोग दें।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती, अंचलाधिकारी पाकुड़ अरविंद कुमार बेदिया, एडीपीओ पीयूष कुमार सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

यह सम्मान समारोह न केवल विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उत्सव था, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त मंच भी साबित हुआ, जहां मेहनत, अनुशासन और संकल्प को सफलता की असली कुंजी बताया गया।




