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झारखंड

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और मुख्य सचिव से मिले राजमहल विधायक एमटी राजा, SIR प्रक्रिया में दियारा क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सौंपा मांग पत्र।

पुराने केवाला भूमि दस्तावेजों को मान्यता देने और उनके आधार पर निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की उठाई मांग, कहा—दस्तावेजी तकनीकी कारणों से वास्तविक ग्रामीणों को न हो परेशानी।

साहिबगंज। राजमहल विधायक मो. ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा ने साहिबगंज जिले के राजमहल एवं उधवा प्रखंड समेत दियारा क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड एवं मुख्य सचिव, झारखंड सरकार से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। विधायक ने वर्तमान SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों को हो रही दस्तावेजी परेशानियों को गंभीरता से उठाते हुए इसके शीघ्र समाधान की मांग की।

विधायक ने कहा कि साहिबगंज जिले के राजमहल और उधवा प्रखंड के दियारा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे ग्रामीण निवास करते हैं, जिनकी भूमि से संबंधित पुराने दस्तावेज पूर्व में कलियाचक रजिस्ट्री कार्यालय, जिला मालदा, पश्चिम बंगाल के माध्यम से निबंधित किए गए थे। विशेष रूप से वर्ष 1984-85 के पुराने केवाला आज भी कई ग्रामीणों के पास भूमि संबंधी प्रमुख एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में संबंधित अंचल कार्यालयों में अंचल अधिकारी स्तर पर कलियाचक रजिस्ट्री कार्यालय से पूर्व में निबंधित पुराने केवाला को मान्यता नहीं दिए जाने की शिकायत सामने आ रही है। इसके कारण ग्रामीणों को केवल भूमि संबंधी कार्यों में ही नहीं, बल्कि वर्तमान SIR प्रक्रिया के लिए आवश्यक निवास प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक एमटी राजा ने कहा कि दियारा क्षेत्र में वर्षों से अपनी भूमि पर अधिकार एवं कब्जे के साथ निवास कर रहे अनेक ग्रामीणों के पास भूमि से संबंधित यही पुराने दस्तावेज उपलब्ध हैं। ऐसे में यदि इन दस्तावेजों की स्वीकार्यता को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए जाते हैं, तो ग्रामीणों के लिए आवश्यक प्रमाण-पत्र बनवाना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वास्तविक एवं लंबे समय से क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के बीच यह आशंका भी बनी हुई है कि सिर्फ दस्तावेजी तकनीकी कारणों के चलते उनका नाम मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया में प्रभावित न हो जाए।

राजमहल विधायक ने मांग की कि साहिबगंज जिले के राजमहल प्रखंड एवं अन्य संबंधित दियारा क्षेत्रों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित निर्वाचन पदाधिकारियों को जनहित में स्पष्ट एवं आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल भूमि संबंधी कार्यों या विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि पुराने दस्तावेजों की स्वीकार्यता स्पष्ट नहीं होने से ग्रामीणों के निवास प्रमाण-पत्र, सरकारी योजनाओं तथा अन्य आवश्यक व्यक्तिगत एवं प्रशासनिक कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पुराने समय से उपलब्ध और विधिवत निबंधित भूमि दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश के अभाव में आम ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

विधायक एमटी राजा ने मांग पत्र के माध्यम से कहा कि साहिबगंज के उपायुक्त, संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी, राजमहल एवं उधवा प्रखंड के अंचल अधिकारियों, भूमि सुधार एवं राजस्व अधिकारियों तथा निबंधन विभाग के संबंधित पदाधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए।

उन्होंने विशेष रूप से मांग की कि कलियाचक रजिस्ट्री कार्यालय से पूर्व में निबंधित पुराने केवाला की वैधता एवं स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्ट प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि संबंधित अधिकारी ग्रामीणों के दस्तावेजों पर नियमानुसार निर्णय ले सकें।

विधायक ने यह भी मांग रखी कि राजमहल एवं उधवा प्रखंड के दियारा क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के पुराने केवाला एवं अन्य उपलब्ध वैध भूमि दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निवास प्रमाण-पत्र निर्गत करने के लिए संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश दिए जाएं। साथ ही, SIR प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने एवं अन्य प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने में ग्रामीणों को सहयोग प्रदान किया जाए।

उन्होंने कहा कि स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने से वर्षों से अपनी भूमि पर अधिकार रखने वाले ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही, उनके निवास प्रमाण-पत्र एवं SIR से संबंधित कार्य समय पर पूरे हो सकेंगे।

विधायक ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं मुख्य सचिव से इस मामले में जनहित को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की, ताकि दियारा क्षेत्र के वास्तविक ग्रामीण दस्तावेजी प्रक्रिया के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करें।

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