बड़हरवा में 63 केवीए ट्रांसफॉर्मर के पुर्जों की चोरी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार।
कबाड़ दुकान से ट्रांसफॉर्मर के तीन बेस बॉडी पार्ट्स, 16 ब्लेड सेल पार्ट्स और 18 हजार रुपये बरामद; अन्य आरोपियों की तलाश जारी।

बड़हरवा साहिबगंज। बड़हरवा रेलवे क्षेत्र में स्थानीय विद्युत आपूर्ति से जुड़े 63 केवीए ट्रांसफॉर्मर के महत्वपूर्ण पुर्जों की चोरी का आरपीएफ ने खुलासा किया है। मामले में आरपीएफ ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए शेष पुर्जों की बरामदगी के लिए कार्रवाई जारी है।
जानकारी के अनुसार, 25 सितंबर 2026 को करीब 12:35 बजे जेई विद्युत, बड़हरवा कुमार राज ने आरपीएफ पोस्ट बड़हरवा को सूचना दी कि ट्रांसफॉर्मर संख्या 2278/13-14, क्षमता 63 केवीए, जो ईस्ट रिले हट को स्थानीय विद्युत आपूर्ति करता था, अपने निर्धारित स्थान पर क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला है। यह ट्रांसफॉर्मर बड़हरवा-बोनिडांगा सेक्शन में टीआरडी मास्ट लोकेशन संख्या 270/40-42 के बीच स्थापित था।
सूचना पर आरपीएफ इंस्पेक्टर बड़हरवा संजीव कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक लाल बहादुर मांझी, कांस्टेबल अनिल कुमार साह और कांस्टेबल अजय कुमार ने जेई विद्युत कुमार राज के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि ट्रांसफॉर्मर के महत्वपूर्ण पुर्जे निकाल लिए गए थे और मौके पर केवल मुख्य बॉडी केसिंग बची थी। संयुक्त निरीक्षण के बाद ट्रांसफॉर्मर की अनुमानित कीमत करीब 1.51 लाख रुपये तथा गायब तांबे की सामग्री की कीमत करीब 21 हजार रुपये आंकी गई।
चोरी गई रेलवे सामग्री की बरामदगी के लिए आरपीएफ ने सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में मिली गुप्त सूचना के आधार पर मेहदीडांगा स्थित मुनिया होटल के समीप एक कबाड़ दुकान में छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान दुकान से ट्रांसफॉर्मर के तीन बेस बॉडी पार्ट्स और 16 ब्लेड सेल पार्ट्स बरामद किए गए। इसके अलावा 500 रुपये के 36 नोट यानी कुल 18 हजार रुपये नकद भी मिले।
मौके पर मौजूद अखलाख हुसैन, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी शुक्रवासानी, मिर्जापुर, गणेशपुर, थाना बड़हरवा, से पूछताछ की गई। उसने बताया कि कबाड़ दुकान उसके ससुर जलाउद्दीन शेख उर्फ जल्ला की है और वह अपने साले हसीबुल रहमान तथा मिस्टर शेख के साथ दुकान के संचालन में सहयोग करता है। पूछताछ के दौरान उसने बरामद ट्रांसफॉर्मर के पुर्जों के चोरी की संपत्ति होने की जानकारी होने की बात स्वीकार की, लेकिन चोरी किए गए तांबे और अन्य पुर्जों के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका।
आरपीएफ ने दुकान मालिक जलाउद्दीन शेख उर्फ जल्ला को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वह मौके पर उपस्थित नहीं हुआ। हसीबुल रहमान भी वहां नहीं मिला। पूछताछ के दौरान अखलाख हुसैन ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन आरपीएफ टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। उसके बयान के अनुसार हसीबुल रहमान भी आरपीएफ टीम को देखकर मौके से फरार हो गया।
आरपीएफ ने गवाहों की मौजूदगी में बरामद ट्रांसफॉर्मर के पुर्जों को विधिवत जब्त कर लिया। इसके बाद अखलाख हुसैन को रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966 की धारा 3(ए) के तहत गिरफ्तार किया गया।
जेई विद्युत कुमार राज की लिखित शिकायत के आधार पर आरपीएफ पोस्ट बड़हरवा में मामला संख्या 02/2026, दिनांक 25 सितंबर 2026 दर्ज किया गया। मामले में रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966 की धारा 3(ए) के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
गिरफ्तार आरोपी अखलाख हुसैन को 26 सितंबर 2026 को रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी, साहिबगंज के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरपीएफ अब मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ-साथ चोरी गए ट्रांसफॉर्मर के शेष तांबे एवं अन्य महत्वपूर्ण पुर्जों की बरामदगी के लिए छापेमारी और जांच कर रही है।




