झारखंड आंदोलनकारियों को किया गया सम्मानित, संघर्ष और बलिदान को किया गया नमन।
झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 के मंच से आंदोलनकारियों को अंगवस्त्र प्रदान कर जताई गई कृतज्ञता, राज्य की अस्मिता और पहचान की लड़ाई में योगदान को किया गया याद।

साहिबगंज। झारखंड की पहचान, अस्मिता, संस्कृति एवं अधिकारों की रक्षा के लिए अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय समर्पित करने वाले झारखंड आंदोलनकारियों के संघर्ष, त्याग, तपस्या एवं बलिदान को सम्मानित करते हुए विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 के अवसर पर आयोजित इस सम्मान समारोह में आंदोलनकारियों के ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।
साहिबगंज स्थित सिद्धो-कान्हू सभागार में आयोजित झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 के मुख्य कार्यक्रम के दौरान मुख्य मंच पर उपायुक्त दीपक कुमार दुबे, वन प्रमंडल पदाधिकारी प्रबल गर्ग, नगर परिषद साहिबगंज के अध्यक्ष रामनाथ पासवान सहित अन्य पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने झारखंड आंदोलनकारियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर अतिथियों ने झारखंड आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों द्वारा किए गए संघर्ष, त्याग, तपस्या और योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा में आंदोलनकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उनके संघर्ष और समर्पण ने अलग झारखंड राज्य की मांग को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ यहां की जल, जंगल और जमीन, संस्कृति, भाषा एवं विशिष्ट पहचान के संरक्षण की आवाज को भी बुलंद किया।
वक्ताओं ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों ने अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राज्य की अस्मिता और अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। उनके त्याग एवं संघर्ष का परिणाम ही आज झारखंड के रूप में सामने है। राज्य निर्माण के लिए आंदोलनकारियों द्वारा दिए गए योगदान को इतिहास में सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

सम्मान समारोह के दौरान आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा गया कि झारखंड की पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए उनके संघर्ष की गाथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। समारोह में उपस्थित लोगों ने आंदोलनकारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया।



