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झारखंड

साहिबगंज में कृषि योजनाओं की व्यापक समीक्षा, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर निदेशक का जोर।

आत्मा, कृषि, उद्यान एवं भूमि संरक्षण विभाग की योजनाओं की हुई गहन समीक्षा, अधिक से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश।

साहिबगंज। आत्मा सभागार, साहिबगंज में निदेशक, समेति, झारखंड, रांची की अध्यक्षता में कृषि, आत्मा, भूमि संरक्षण एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम), सहायक तकनीकी प्रबंधक (एटीएम) सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान आत्मा योजना के अंतर्गत संचालित किसान समृद्धि योजना, सोलर पंप अधिष्ठापन, कृषक पाठशालाओं के संचालन तथा विभागीय योजनाओं के वित्तीय व्यय की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। निदेशक ने सभी प्रखंडों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसानों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सोलर पंपों की स्थापना में तेजी लाने, कृषक पाठशालाओं का शीघ्र संचालन सुनिश्चित करने तथा योजनाओं के वित्तीय व्यय में गति लाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक के उपरांत निदेशक, भूमि संरक्षण विकास कुमार ने बरहेट प्रखंड की गोपलाडीह पंचायत अंतर्गत भागाबांध गांव पहुंचकर वर्ष 2025-26 में जीर्णोद्धारित तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लाभुक समिति के सदस्यों से संवाद करते हुए जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता में वृद्धि तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए गए ट्रैक्टर के उपयोग और उसकी उपयोगिता का भी जायजा लिया।

इसके बाद निदेशक ने राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत बरहेट प्रखंड की कुसमा पंचायत स्थित बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (बीआरसी) का निरीक्षण किया। यहां प्राकृतिक कृषि आदानों के उत्पादन, वितरण तथा योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान आठ सीआरपी सखी दीदियों ने प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार, किसानों को बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, अग्निअस्त्र सहित अन्य जैविक आदानों की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता तथा उनके उपयोग की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

निदेशक विकास कुमार ने कहा कि प्राकृतिक खेती पर्यावरण संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा किसानों की उत्पादन लागत कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण जैविक आदानों के उत्पादन को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का रूप देकर किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करने की दिशा में सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

बैठक एवं निरीक्षण कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का, जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी अरुण कुमार भोक्ता, जिला उद्यान पदाधिकारी अमितेश रंजन, भूमि संरक्षण पदाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता, उप परियोजना निदेशक (आत्मा) मंटू कुमार सहित संबंधित प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी, बीटीएम, एटीएम तथा विभागीय कर्मी उपस्थित रहे।

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