हूल दिवस पर भोगनाडीह में वीर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि।
झारखंड मजदूर संघ (प्रजातांत्रिक) के केंद्रीय महामंत्री राजकुमार यादव के नेतृत्व में माल्यार्पण, शहीदों के आदर्शों पर चलने का लिया गया संकल्प।

बरहेट साहिबगंज। हूल दिवस के पावन अवसर पर ऐतिहासिक भोगनाडीह में वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो की प्रतिमाओं पर झारखंड मजदूर संघ (प्रजातांत्रिक) के केंद्रीय महामंत्री राजकुमार यादव के नेतृत्व में माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए महान स्वतंत्रता सेनानियों के अद्वितीय साहस, संघर्ष और बलिदान को नमन किया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय महामंत्री राजकुमार यादव ने कहा कि हूल दिवस केवल एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष, स्वाभिमान और जनप्रतिरोध का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव तथा फूलो-झानो ने अपने अदम्य साहस, त्याग और बलिदान से भारतीय इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। उनका जीवन आज भी समाज की नई पीढ़ी को अन्याय, भय, भूख और भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि भोगनाडीह की पावन धरती पूरे देश को यह संदेश देती है कि अपने अधिकारों, स्वाभिमान और न्याय की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वीर शहीदों के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में समानता, सामाजिक न्याय, भाईचारे और जनहित की भावना को और अधिक मजबूत किया जाए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने वीर शहीदों के बताए मार्ग पर चलने तथा उनके आदर्शों और विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
इस अवसर पर संगठन की केंद्रीय उपाध्यक्ष फूल कुमारी देवी, जिला अध्यक्ष प्रीतम कुमार पीयूष, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सोनिया परवीन, गुरुजी टुडू, राकेश महतो, जिया उल हक, दुर्योधन शाह, जमुना राय, हामिद अंसारी, मोहम्मद दिलदार, विक्रम हांसदा, धरमल किस्कू, सुनाती मुर्मू, शालिनी मुर्मू, तलामयी मुर्मू, सलोनी मुर्मू सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हूल दिवस के अवसर पर आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम वीर शहीदों के प्रति सम्मान, सामाजिक एकता और जनजागरण का संदेश देने वाला रहा। उपस्थित लोगों ने कहा कि शहीदों के संघर्ष और बलिदान की विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।



