झारखंड

मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों का प्रमंडलीय आयुक्त ने लिया जायजा, बरहेट के विभिन्न मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण।

मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन एवं पारदर्शी बनाने पर विशेष जोर, अधिकारियों को समयबद्ध एवं गंभीरता से कार्य पूरा करने का निर्देश।

बरहेट साहिबगंज। मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत संथाल परगना प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त-सह-मतदाता सूची प्रेक्षक शैलेंद्र कुमार लाल ने बुधवार को साहिबगंज जिले के बरहेट प्रखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रखंड के विभिन्न मतदान केंद्रों का भ्रमण कर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों से पुनरीक्षण प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली तथा कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

प्रमंडलीय आयुक्त ने विशेष रूप से प्रखंड, अंचल एवं पंचायत स्तर पर संचालित ‘No Mapping & Anomalies’ की सुनवाई प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण, प्रपत्रों के संधारण, दावों एवं आपत्तियों के निष्पादन तथा मतदाताओं से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से यह भी जाना कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने अथवा संशोधन से संबंधित प्राप्त आवेदनों की स्थिति क्या है और उनके निष्पादन की प्रक्रिया किस स्तर पर है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रपत्रों एवं अभिलेखों का विधिवत संधारण किया जाए तथा प्रत्येक आवेदन की जांच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए।

प्रमंडलीय आयुक्त शैलेंद्र कुमार लाल ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है। इसलिए मतदाता सूची को त्रुटिरहित, अद्यतन और पारदर्शी बनाए रखना निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से छूटने न पाए।

उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निष्पक्षता के साथ निस्तारण किया जाए। साथ ही मतदाताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में भी संवेदनशीलता बरती जाए।

आयुक्त ने पुनरीक्षण कार्य में शुद्धता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर सावधानीपूर्वक कार्य किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं समय-सीमा का अक्षरशः पालन करते हुए पुनरीक्षण कार्य को पूरा करें। साथ ही No Mapping & Anomalies से संबंधित मामलों की सुनवाई एवं सत्यापन प्रक्रिया को भी गंभीरता से लेते हुए निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आयुक्त के निरीक्षण से संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्राप्त हुए।इस अवसर पर उप निर्वाचन पदाधिकारी कुमुदिनी टुडू सहित संबंधित पदाधिकारी, कर्मी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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