साहिबगंज मंडल कारा में मासिक जेल अदालत व स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, बंदियों को मिली निःशुल्क विधिक सहायता और पुनर्वास की जानकारी।
नालसा की SPRUHA योजना 2025 के तहत कानूनी मदद, स्वास्थ्य जांच और कौशल विकास पर दिया गया जोर।

साहिबगंज। झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में साहिबगंज मंडल कारा में मासिक जेल अदालत, स्वास्थ्य शिविर सह विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं तथा पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज के सचिव विश्वनाथ भगत ने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने विशेष रूप से NALSA की SPRUHA योजना 2025 के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों के पास अधिवक्ता उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, योजना के अंतर्गत बंदियों के पुनर्वास, कौशल विकास एवं रिहाई के बाद रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के तहत एक विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों की टीम द्वारा सभी बंदियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। उन्हें आवश्यक चिकित्सा परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया, जिससे उनके स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।
शिविर में महिला बंदियों की विधिक आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें उनके मामलों से संबंधित उचित सलाह और मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अरविन्द गोयल एवं उनकी टीम द्वारा ऐसे बंदियों की पहचान की गई, जिनके मामलों में अब तक अधिवक्ता नियुक्त नहीं किए गए थे। ऐसे मामलों में शीघ्र विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
शिविर के दौरान बंदियों को उनके वादों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया, जिससे वे अपने मामलों की प्रगति को बेहतर तरीके से समझ सके।
बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने तथा अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। सचिव ने स्पष्ट किया कि इस पहल का उद्देश्य केवल कानूनी सहायता देना ही नहीं, बल्कि बंदियों को सम्मानजनक जीवन की ओर पुनर्स्थापित करना भी है।
इस समग्र आयोजन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज की यह प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से सामने आई कि बंदियों के विधिक अधिकारों की रक्षा, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है।




