झारखंड

भीषण गर्मी को लेकर अलर्ट: पेयजल संकट से निपटने हेतु उपायुक्त के सख्त निर्देश, हेल्पलाइन नंबर जारी।

खराब चापानल-कुओं की तत्काल मरम्मत का आदेश, जल जीवन मिशन के तहत शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर।

साहिबगंज। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दीपक कुमार दुबे की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत एवं गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को देखते हुए कई अहम निर्णय लिए गए।

उपायुक्त ने विशेष रूप से पहाड़ी एवं जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने खराब पड़े चापानल, कुओं एवं जलमीनारों की मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया।

जनसहभागिता को बढ़ावा देने और समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु जिला प्रशासन द्वारा पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर +91 9631155933 एवं +91 97981 14740 जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर कॉल कर नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं, जिनका त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की, जिनमें शामिल हैं साहिबगंज मेगा जलापूर्ति योजना, साहिबगंज शहरी जलापूर्ति योजना, तालझारी, बोरियो एवं मंडरो प्रखंडों की पूर्ण कवरेज ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाएं, साहिबगंज-गोड्डा-दुमका मल्टी विलेज स्कीम (MVS) इन योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, पूर्ण एवं लंबित कार्यों तथा हैंडओवर की स्थिति की जानकारी संबंधित कार्यपालक अभियंता से प्राप्त की गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी अपूर्ण योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में जल जीवन मिशन के तहत जिले में अब तक किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाते हुए शत-प्रतिशत घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर जोर दिया।

उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए। साथ ही जनहित से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष बल दिया गया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा, अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत, कार्यपालक अभियंता गौरव कुमार सहित सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं संबंधित संवेदक उपस्थित थे।

जिला प्रशासन द्वारा गर्मी के मौसम में संभावित जल संकट को गंभीरता से लेते हुए अग्रिम तैयारी शुरू कर दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के हर नागरिक को समय पर स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!