विद्यालयों में शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता : उप विकास आयुक्त।
पतना प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का उप विकास आयुक्त ने किया औचक निरीक्षण, शिक्षा व्यवस्था एवं मूलभूत सुविधाओं का लिया जायजा।

पतना साहिबगंज। जिले के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुविधाओं तथा आधारभूत व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार विद्यालयों का निरीक्षण किया जा रहा है। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, साहिबगंज दीपक कुमार दूबे के निर्देश के आलोक में उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने आज पतना प्रखंड अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, भवन, स्वच्छता तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली।
उप विकास आयुक्त ने निरीक्षण के क्रम में उत्क्रमित उच्च विद्यालय, रांगा जयंती, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, बासकोपहार एवं उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय, मोहब्बतपुर का जायजा लिया। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों से विद्यालय संचालन से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति एवं शिक्षकों की उपस्थिति की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहें तथा अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। बच्चों को पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ उनकी समझ एवं सीखने की क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई एवं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की व्यवस्था की जानकारी ली।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि बच्चों को पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाए। भोजन तैयार करने एवं परोसने के दौरान स्वच्छता के मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय भवन की स्थिति, कक्षाओं की व्यवस्था, किचेन शेड एवं विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। उप विकास आयुक्त ने विद्यालयों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा जहां आवश्यक हो, वहां व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रधानाध्यापकों को विद्यालय परिसर में स्वच्छ, सुरक्षित एवं बच्चों के अनुकूल वातावरण बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही विद्यालय की साफ-सफाई व्यवस्था को नियमित रूप से बेहतर बनाए रखने तथा उपलब्ध संसाधनों के समुचित रखरखाव के निर्देश दिए।
उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण संस्थान है। इसलिए विद्यालयों में उपलब्ध प्रत्येक संसाधन का बेहतर उपयोग, प्रभावी प्रबंधन और नियमित निगरानी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के प्रत्येक विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों एवं संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर ध्यान देने तथा विद्यालय में अनुशासन एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने का निर्देश दिया।
उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई एवं सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने प्रधानाध्यापकों से कहा कि विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग करते हुए विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बच्चों की सुविधाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने पर जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधीक्षक सहित संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उप विकास आयुक्त को विद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों एवं आधारभूत व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई।


