पाकुड़ बीएड कॉलेज में सड़क सुरक्षा को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित।
करीब 70 छात्र-छात्राओं ने लिया भाग, सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने और दूसरों को भी जागरूक करने का लिया संदेश।

पाकुड़। जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा आमजनों, विशेषकर युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गुरुवार को पाकुड़ बीएड कॉलेज में एक दिवसीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कॉलेज के सभी बैच के करीब 70 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को सड़क सुरक्षा अभियान से जोड़ना तथा उनमें सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवहार की भावना विकसित करना रहा।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को “खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें” का संदेश देते हुए सड़क पर जिम्मेदार नागरिक एवं जिम्मेदार वाहन चालक के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों के पालन तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।

कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं एवं तकनीकी व्यवस्थाओं के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित राह-वीर योजना, कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम एवं हिट एंड रन स्कीम सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में बताया गया।
इसके साथ ही IRAD एवं EDAR के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों के संग्रहण, विश्लेषण एवं प्रबंधन की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को समझाया गया कि तकनीक एवं डेटा के प्रभावी उपयोग से दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण किया जा सकता है तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर उनकी रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकते हैं।
कार्यशाला में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के प्रमुख प्रावधानों एवं उनके अनुपालन को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने तथा यातायात संकेतों का पालन करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया गया।

विद्यार्थियों को वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने तथा सड़क पर पैदल यात्रियों एवं अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा का ध्यान रखने के लिए भी प्रेरित किया गया। बताया गया कि यातायात नियमों का पालन करने से न केवल स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित होती है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों का जीवन भी सुरक्षित रहता है।
मानसून के मौसम को देखते हुए बारिश के दौरान सुरक्षित यातायात के उपायों की भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि बारिश के समय सड़कों पर फिसलन, जलजमाव और कम दृश्यता जैसी परिस्थितियां दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। ऐसे में वाहन चालकों को अपनी गति नियंत्रित रखने, पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखने, अचानक ब्रेक लगाने से बचने तथा यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की आवश्यकता है।
कार्यशाला में विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं भी सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाएं और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करें।
कार्यशाला में युवाओं को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में तकनीक, नवाचार और डेटा प्रबंधन के माध्यम से योगदान देने के लिए भी प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान के लिए नए विचार एवं तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि युवा वर्ग तकनीक के प्रति जागरूक और नवाचार की क्षमता रखने वाला वर्ग है। यदि युवा सड़क सुरक्षा अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ें तो दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी, पाकुड़ मो. मोजाहिद अंसारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल परिवहन विभाग या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से सड़क सुरक्षा का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।
डीटीओ ने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क पर थोड़ी सी सावधानी और नियमों का पालन किसी बड़े हादसे को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, जिम्मेदार यातायात व्यवहार विकसित करने तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में सामूहिक भागीदारी को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह, रोड इंजीनियर एनालिस्ट मो. अजहद अंसारी, पाकुड़ बीएड कॉलेज की प्राचार्या, शिक्षकगण सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।


