उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की, सुविधाएं दुरुस्त करने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का दिया निर्देश।

साहिबगंज। उपायुक्त साहिबगंज के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के सह-स्थापन (Co-Location), आधारभूत सुविधाओं, पोषण ट्रैकर के आंकड़ों, रिक्त पदों, मानदेय भुगतान तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 702 आंगनबाड़ी केंद्रों का Co-Location सर्वेक्षण सत्यापित किया गया है। इनमें 348 केंद्र विद्यालय परिसर में संचालित पाए गए, जबकि 70 केंद्रों के सह-स्थापन के लिए कमरे उपलब्ध हैं। अब तक 34 आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्ण रूप से विद्यालयों में स्थानांतरित किया जा चुका है। शेष केंद्रों के स्थानांतरण के लिए आवश्यक मरम्मत एवं अन्य प्रक्रियाएं नियमानुसार जारी हैं।

पोषण ट्रैकर के आधार पर किराये के भवनों में संचालित 533 आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई। इसमें 74 केंद्रों में विद्युत, 24 में पेयजल, 38 में रसोईघर तथा 54 केंद्रों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं पाई गई।
उप विकास आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने, नियमित अनुश्रवण करने तथा बच्चों एवं लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
किराये के भवनों से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा में परियोजना अभिलेखों में 569 भवन, जबकि पोषण ट्रैकर ऐप में 595 भवन दर्ज पाए गए। इस प्रकार 26 भवनों का अंतर सामने आया। संबंधित प्रखंडों को आंकड़ों का सत्यापन कर वास्तविक स्थिति के अनुरूप आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया गया।

आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान परियोजना प्रतिवेदन एवं पोषण ट्रैकर ऐप के आंकड़ों में 141 केंद्रों का अंतर पाया गया। संबंधित परियोजनाओं को अभिलेखों का मिलान कर पोषण ट्रैकर ऐप में आवश्यक संशोधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों की समीक्षा में परियोजना प्रतिवेदन के अनुसार 46 सेविका एवं 76 सहायिका के पद रिक्त हैं। वहीं, पोषण ट्रैकर ऐप में 57 सेविका एवं 105 सहायिका के पद रिक्त दर्शाए गए हैं।
दोनों आंकड़ों में 11 सेविका एवं 29 सहायिका के पदों का अंतर पाया गया। उप विकास आयुक्त ने संबंधित परियोजनाओं को अभिलेखों का मिलान कर आंकड़ों में मौजूद विसंगतियों का शीघ्र निराकरण करने का निर्देश दिया।
सेविका एवं सहायिका के मानदेय भुगतान के लिए उपस्थिति विवरणी की समीक्षा में पाया गया कि जुलाई 2026 की उपस्थिति अधिकांश परियोजनाओं से प्राप्त हो चुकी है, जबकि पतना प्रखंड से केवल जून 2026 की उपस्थिति प्राप्त हुई है।
जुलाई माह की उपस्थिति विवरणी पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं होने के कारण अतिरिक्त मानदेय का भुगतान लंबित है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) की समीक्षा में बताया गया कि 05 अगस्त 2026 तक जिले ने 3,283 के मासिक लक्ष्य के विरुद्ध 3,583 लाभार्थियों का नामांकन कर 109 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
प्रखंडवार उपलब्धि में उधवा 143 प्रतिशत, बरहरवा 139 प्रतिशत, बोरियो 132 प्रतिशत एवं राजमहल 117 प्रतिशत के साथ लक्ष्य से अधिक प्रगति दर्ज करने वाले प्रखंड रहे।
उप विकास आयुक्त ने शेष प्रखंडों को भी शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं, योजनाओं की प्रगति एवं पोषण ट्रैकर के आंकड़ों का नियमित अनुश्रवण करने को कहा। उन्होंने अभिलेखों और ऑनलाइन आंकड़ों में किसी प्रकार की विसंगति न रहे, इसके लिए समयबद्ध तरीके से सत्यापन एवं आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए-सह-प्रभारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार दास, सभी प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला पर्यवेक्षक सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।




