साहिबगंज में MSME को नई उड़ान देने की पहल, राष्ट्रीय कार्यशाला में उद्योग जगत ने रखीं 8 प्रमुख चुनौतियां और 5 महत्वपूर्ण सुझाव।
'निर्यात प्रोत्साहन एवं GeM' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में उद्योग, प्रशासन और उद्यमियों ने साझा किया विकास का रोडमैप, चैंबर ने हर प्रखंड में जागरूकता अभियान चलाने का किया ऐलान।

साहिबगंज।साहिबगंज के सिद्धू-कान्हू सभागार में गुरुवार को MSME विकास एवं सुविधा कार्यालय, धनबाद द्वारा “निर्यात प्रोत्साहन एवं GeM” विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त सतीश चंद्र, MSME विकास एवं सुविधा कार्यालय, धनबाद के दीपक कुमार, सुजीत कुमार, निदेशक इंद्रजीत यादव, जिला प्रशासन के पदाधिकारी, उद्योग विभाग के अधिकारी, जिले के उद्यमी तथा बड़ी संख्या में उद्योग जगत से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, साहिबगंज की ओर से वक्ता ने कहा कि MSME विकास एवं सुविधा कार्यालय, धनबाद द्वारा आयोजित यह कार्यशाला जिले के उद्यमियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायी है। उन्होंने विशेष रूप से दीपक कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं साहिबगंज आकर उद्यमियों को इस कार्यक्रम से जोड़ने का सराहनीय प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं उद्योग विभाग MSME को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। विभिन्न योजनाओं के तहत शिविर आयोजित किए जा रहे हैं तथा उद्यमियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। अब आवश्यकता है कि इन प्रयासों को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

अपने संबोधन में उन्होंने जिले के MSME क्षेत्र के समक्ष मौजूद आठ प्रमुख समस्याओं को विस्तार से रखा।
उन्होंने कहा कि उद्योग स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराना सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि जिले की अधिकांश भूमि खास महल एवं एससी-एसटी अधिनियम के अंतर्गत आती है। इसके कारण नए उद्योग स्थापित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिले में अब तक कोई विकसित औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) नहीं है, जिससे उद्यमियों को बिजली, पानी, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध नहीं हो पातीं।

वित्तीय सहायता के संबंध में उन्होंने कहा कि मुद्रा, पीएमईजीपी और सीजीटीएमएसई जैसी योजनाओं के बावजूद बैंक स्तर पर ऋण स्वीकृति में देरी एवं विभिन्न तकनीकी कारणों से उद्यमियों को परेशानी होती है, जिससे सरकारी योजनाओं के प्रति उनका विश्वास प्रभावित होता है।
उन्होंने बताया कि जिले के उत्पाद गुणवत्ता में बेहतर होने के बावजूद GeM पोर्टल एवं निर्यात प्रक्रिया की जानकारी सीमित होने तथा बिचौलियों के हस्तक्षेप के कारण उद्यमियों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता।
उन्होंने परिवहन एवं कनेक्टिविटी को भी बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि गंगा पर नेशनल वाटरवे-1 और बंदरगाह जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद MSME उत्पादों के परिवहन में इनका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। साथ ही ग्रामीण सड़कों की स्थिति और परिवहन लागत भी उद्यमियों के लिए परेशानी का कारण है।
इसके अलावा उन्होंने कोल्ड स्टोरेज, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और टेस्टिंग लैब जैसी आधारभूत सुविधाओं की कमी, आधुनिक तकनीक, पैकेजिंग एवं डिजिटल मार्केटिंग से संबंधित प्रशिक्षण के अभाव तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाने को भी प्रमुख चुनौतियों में शामिल बताया।
ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से कार्यशाला में पांच महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए गए।
चैंबर ने खास महल एवं एससी-एसटी भूमि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने तथा जिले में प्राथमिकता के आधार पर कम से कम एक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की मांग की।
दूसरे सुझाव में उद्योग विभाग, बैंक और जिला प्रशासन की संयुक्त “ऋण समाधान एवं अनुश्रवण समिति” गठित करने की बात कही गई, ताकि उद्योग विभाग से स्वीकृत ऋण आवेदनों का बैंक स्तर पर 15 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित हो तथा सीजीटीएमएसई के तहत बिना गारंटी ऋण को बढ़ावा मिले।
तीसरे सुझाव में साहिबगंज गंगा बंदरगाह को “MSME कार्गो हब” के रूप में विकसित करने, ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण तथा परिवहन सब्सिडी पर विशेष ध्यान देने की मांग की गई।

चौथे सुझाव के तहत जिले में एक “MSME सुविधा केंद्र” स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया, जहां उद्यम पंजीकरण, GeM, IEC, बैंक ऋण तथा प्रशिक्षण से जुड़ी सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हों।
पांचवें सुझाव में प्रत्येक तीन माह पर खरीदार-विक्रेता सम्मेलन तथा GeM पंजीकरण शिविर आयोजित कर उद्यमियों को बाजार और सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ने की मांग की गई।
कार्यक्रम के अंत में चैंबर की ओर से घोषणा की गई कि वह उद्योग विभाग के साथ मिलकर जिले के प्रत्येक प्रखंड में MSME जागरूकता एवं पंजीकरण अभियान चलाएगा। साथ ही उद्यमियों से अपील की गई कि वे GeM पोर्टल पर पंजीकरण कर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने व्यवसाय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ें।
वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय कार्यशाला साहिबगंज में MSME क्षेत्र के विकास की दिशा में एक नया अध्याय साबित होगी तथा जिले के उद्यमियों को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में ईस्टर्न झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, साहिबगंज के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सचिव मोहित बेगराजका, उपाध्यक्ष संजय भुवानिया, कार्यकारिणी सदस्य नवल किशोर मंडल एवं अंकित तमाखवाला, सदस्य मोहम्मद आफताब आलम, सुरेश प्रसाद शाह, निखिल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में उद्यमी, उद्योग प्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



