निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं होगा : उपायुक्त दीपक कुमार दूबे।
एनआरईपी विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, निर्माणाधीन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग और तय समय सीमा में कार्य पूर्ण कराने पर दिया जोर।

साहिबगंज। जिले के उपायुक्त दीपक कुमार दूबे की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम एनआरईपी विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही सभी प्रमुख निर्माण योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्माणाधीन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, सतत निरीक्षण एवं गुणवत्ता की निरंतर जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में सबसे पहले धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में तालझारी, पतना, बरहेट एवं बोरियो प्रखंड स्थित कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय उच्च विद्यालयों में अतिरिक्त छह-छह वर्ग कक्षों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं की भौतिक प्रगति 10 से 70 प्रतिशत के बीच है। विभिन्न स्थलों पर प्लिंथ, प्रथम तल एवं प्लास्टर का कार्य तेजी से चल रहा है। उपायुक्त ने सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत संचालित विभिन्न भवन निर्माण योजनाओं की समीक्षा के दौरान अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय, बोरियो, बरहेट एवं पतना सहित अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा बहुउद्देशीय केंद्रों की प्रगति की जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि अधिकांश परियोजनाओं का 60 से 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उपायुक्त ने कहा कि शेष कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए तथा नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए।
अनाबद्ध निधि योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की 20 निर्माणाधीन योजनाओं की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि 9 योजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण कर अधियाचना भेज दी गई है, जबकि शेष 11 योजनाओं में 70 से 90 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है।
उपायुक्त ने संबंधित कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि शेष योजनाओं का कार्य शीघ्र पूर्ण कर जनता को लाभ उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में अनाबद्ध निधि योजना के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर जलापूर्ति एवं दो शौचालय निर्माण योजनाओं की भी समीक्षा की गई।ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि कुल 14 योजनाओं में से 4 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष योजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है।उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए।

जिला समाज कल्याण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में निर्माणाधीन 32 आंगनबाड़ी केंद्रों की समीक्षा भी बैठक में की गई।समीक्षा में बताया गया कि 17 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है, जबकि 15 केंद्रों का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है।उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य आगामी दो माह के भीतर पूर्ण कर उनका संचालन प्रारंभ कराया जाए।
बैठक में जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (DMFT) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 की विभिन्न विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई।उपायुक्त ने कहा कि सभी निर्माणाधीन योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा कार्यों की सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
समीक्षा बैठक में कार्यपालक अभियंता एनआरईपी देवीलाल हांसदा, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




