नियमित टीकाकरण में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुंचे स्वास्थ्य सेवाएं : डॉ. पी.के. शर्मा।
वन सीएचसी वन वीक’ कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर हुआ मंथन।

राजमहल साहिबगंज। राजमहल अनुमंडल अस्पताल सभागार में मंगलवार को क्षेत्रीय उपनिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, दुमका डॉ. पी.के. शर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ‘वन सीएचसी वन वीक’ कार्यक्रम के अंतर्गत किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य विभाग के पर्यवेक्षक स्तर के सभी कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों का समय पर और पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वस्थ बच्चों से ही स्वस्थ समाज, स्वस्थ गांव और स्वस्थ राज्य का निर्माण संभव है।

उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की सतत निगरानी करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। साथ ही जन-जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण के दायरे में लाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति, चुनौतियों एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। अधिकारियों ने क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा आमजन तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।
इस अवसर पर यूनिसेफ के क्षेत्रीय परामर्शी अजय कुमार शर्मा, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के डॉ. धुर्वा महाजन, उपाधीक्षक डॉ. उदय टुडू, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक सह लेखा प्रबंधक अमित कुमार, प्रखंड डाटा प्रबंधक नितिन मुर्मू सहित विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के फील्ड मॉनिटर तथा राजमहल एवं उधवा प्रखंड के पर्यवेक्षक स्तर के सभी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

बैठक के अंत में नियमित टीकाकरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रत्येक पात्र बच्चे तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया गया।



