आठवें “पोषण पखवाड़ा” के तहत पाकुड़ से जागरूकता रथ रवाना, सांसद ने दिलाई कुपोषण मुक्त समाज की शपथ।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की संयुक्त पहल—23 अप्रैल तक गांव-गांव पहुंचेगा रथ, माताओं-बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष जोर।

पाकुड़। आठवें “पोषण पखवाड़ा” के अवसर पर पाकुड़ जिले में पोषण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता रथ को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा, महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरभ चंद्रा, नगर परिषद अध्यक्ष सबरी पाल एवं जिला परिषद अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सांसद विजय कुमार हांसदा ने उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं आम नागरिकों को “पोषण पखवाड़ा” के तहत कुपोषण मुक्त समाज बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने संतुलित आहार अपनाने, बच्चों एवं माताओं के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने तथा समाज में पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि “पोषण पखवाड़ा” के माध्यम से जिले में माताओं, बच्चों एवं किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार, स्वच्छता, समय पर टीकाकरण एवं नियमित स्वास्थ्य जांच से कुपोषण को प्रभावी रूप से कम किया जा सकता है।
यह जागरूकता रथ 23 अप्रैल तक जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में भ्रमण करेगा। इस दौरान आमजनों को निम्न विषयों पर जानकारी दी जाएगी संतुलित आहार एवं पोषण गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की देखभाल शिशु एवं बाल आहार एनीमिया की रोकथाम स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी उपाय ऑडियो-वीडियो माध्यमों से भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों द्वारा बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषण आहार, नियमित वजन मापन, टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। साथ ही “पोषण ट्रैकर” के जरिए लाभार्थियों की लगातार निगरानी भी की जा रही है।
उपायुक्त ने समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जल-स्वच्छता विभाग को आपसी समन्वय के साथ इस अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजनों से भी अपील की कि वे इस अभियान से जुड़कर अपने परिवार और समाज को कुपोषण मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान सांसद, विधायक, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारियों ने समाहरणालय परिसर में लगाए गए विभिन्न पोषक तत्वों से तैयार व्यंजनों के स्टॉल का अवलोकन किया तथा उनके स्वाद का आनंद भी लिया।
“पोषण पखवाड़ा” के तहत यह पहल न केवल जागरूकता बढ़ाने का माध्यम बनेगी, बल्कि जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगी।




