स्वच्छता ही सेवा–2026 अभियान को लेकर बैठक, स्वच्छता शपथ एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक जिलेभर में चलेंगी स्वच्छता एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियां, स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर।

साहिबगंज। जिले में स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, आमजनों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, साहिबगंज के तत्वावधान में 18 सितंबर 2026 को उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा की अध्यक्षता में बैठक, स्वच्छता शपथ एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।बैठक में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक संचालित होने वाले अभियान की रूपरेखा, निर्धारित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा आमजनों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस दौरान अभियान के विभिन्न उद्देश्यों एवं कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए स्वच्छता को प्रत्येक व्यक्ति के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर विशेष बल दिया गया।अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज एवं समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छ वातावरण से विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव संभव है तथा स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन के लिए स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को अपनाना आवश्यक है। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, आसपास के क्षेत्र, गांव, पंचायत और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी निभाएगा, तभी स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज की परिकल्पना साकार हो सकेगी।
बैठक के दौरान खुले में शौच से मुक्ति, शौचालय के नियमित उपयोग, हाथों की स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल के उपयोग, घरों के आसपास जलजमाव की रोकथाम, कचरे के उचित प्रबंधन तथा जलस्रोतों की साफ-सफाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई।इस अवसर पर ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने गांव एवं पंचायत को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम अथवा निर्धारित अभियान की अवधि तक सीमित न रखते हुए इसे अपनी दैनिक जीवनशैली में शामिल करें। साथ ही, अपने परिवार के सदस्यों, बच्चों एवं आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास करें।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से स्वच्छता की शपथ ली। सभी ने अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता अपनाने, दूसरों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करने, सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा-कचरा नहीं फैलाने तथा अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। शपथ के माध्यम से स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत एवं सामुदायिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान का आयोजन 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2026 तक ‘स्वच्छता में सहभागिता, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ की थीम पर किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देना, स्वच्छता संबंधी व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।अभियान के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों, विद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों एवं अन्य चिन्हित स्थानों पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जल संचय, कचरा प्रबंधन तथा जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें व्यवहारिक रूप से स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सहभागी बनाया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत ग्राम स्तर पर गंदगी एवं कचरे के ढेर वाले स्थानों, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य चिन्हित क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (क्लीनलिनेस टारगेट यूनिट्स–CTUs) के रूप में चिह्नित किया जाएगा। इन स्थानों पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।इस गतिविधि का उद्देश्य लंबे समय से गंदगी से प्रभावित स्थानों को स्वच्छ बनाना तथा सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। स्थानीय समुदाय की सहभागिता से ऐसे स्थलों की नियमित साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
स्वच्छता अभियान में विद्यार्थियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘स्वच्छ पाठशाला–स्वच्छता के लिए युवा’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके तहत विद्यालयों एवं युवा समूहों के माध्यम से स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता ज्ञान यात्रा, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी।इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को स्वच्छता के महत्व से परिचित कराना तथा उन्हें अपने घर, विद्यालय एवं समुदाय में स्वच्छता का संदेशवाहक बनाना है। युवाओं को स्वच्छता संबंधी व्यवहार अपनाने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
युवाओं को ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित निर्मित संरचनाओं एवं बेहतर स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छता संबंधी भ्रमण कार्यक्रम (एक्सपोजर विजिट) आयोजित किए जाएंगे।इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को कचरा प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि कचरे का उचित संग्रहण, पृथक्करण, प्रसंस्करण एवं निस्तारण किस प्रकार स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में सहायक होता है। इस पहल से युवाओं में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
अभियान के तहत युवाओं के साथ स्वच्छता एवं जल संचय विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत वाद-विवाद, परिचर्चा, निबंध लेखन एवं अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से स्वच्छता, जल संरक्षण तथा पर्यावरण के महत्व पर विचार-विमर्श किया जाएगा।इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें पर्यावरण के अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। संवाद एवं प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवा अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए स्वच्छता और जल संचय के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने में योगदान देंगे।
स्वच्छता अभियान के दौरान सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। इसके तहत स्वच्छता कर्मियों, स्वच्छताग्रहियों एवं उनके परिवार के सदस्यों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे।इसके अतिरिक्त सफाई मित्रों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने तथा उनके योगदान को सम्मानित करने की दिशा में आवश्यक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।इस पहल के माध्यम से स्वच्छता कार्यों में योगदान देने वाले कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सम्मान को प्राथमिकता देने के साथ उनके कल्याण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
‘स्वच्छता के लिए जनभागीदारी’ कार्यक्रम के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रति आमजनों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए घर-घर जाकर लोगों को कचरे के उचित प्रबंधन एवं निस्तारण की जानकारी देने के उद्देश्य से जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।इस दौरान घरों में कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक करने तथा जैविक कचरे से खाद बनाने (कम्पोस्टिंग) की प्रक्रिया को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि कचरे का सही तरीके से पृथक्करण एवं प्रबंधन स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।ग्रामीणों को कचरे के उचित निस्तारण, सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी नहीं फैलाने तथा स्वच्छता संबंधी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से घरों एवं गांवों में स्वच्छता संबंधी व्यवहार को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
स्वच्छता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के उद्देश्य से ‘स्वच्छता के लिए खेल’ कार्यक्रम के तहत स्थानीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं एवं जनभागीदारी आधारित गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।खेलकूद एवं सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों, विशेषकर युवाओं को स्वच्छता के महत्व से परिचित कराया जाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए स्वच्छता को केवल एक अभियान न मानकर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
अभियान के तहत ‘स्वच्छ पर्व’ गतिविधि के माध्यम से आमजनों को त्योहारों के अवसर पर स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण अनुकूल तरीके से उत्सव मनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।लोगों से अपील की जाएगी कि वे त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्थलों एवं अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा उत्सव के दौरान उत्पन्न होने वाले कचरे का उचित प्रबंधन करें। इस पहल का उद्देश्य उत्सवों के साथ स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी बढ़ावा देना है।
स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, हरित वातावरण के निर्माण तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया जाएगा।पौधारोपण गतिविधियों के जरिए आमजनों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने तथा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
27 सितंबर 2026 को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जिले में विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान पर्यटन स्थलों एवं सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।इस पहल के माध्यम से पर्यटन स्थलों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का संदेश दिया जाएगा।
02 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर विशेष ग्राम सभाओं तथा नगर निकायों की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता एवं जनभागीदारी का संदेश प्रसारित करने के साथ स्वच्छता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।इस अवसर पर स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में जनसहभागिता बढ़ाने तथा स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।

अभियान के अंतर्गत ‘स्वच्छता से समृद्धि’ की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए ‘कबाड़ से जुगाड़’ एवं ‘कबाड़ से कला’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से पुरानी किताबों, खिलौनों, कपड़ों, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं तथा अन्य उपयोगी सामग्रियों के पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।इस पहल का उद्देश्य अनुपयोगी समझी जाने वाली वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग बढ़ाना तथा संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) की अवधारणा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
स्वच्छता अभियान के तहत आमजनों को ‘रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल’ अर्थात कचरे को कम करने, उपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग करने तथा कचरे का पुनर्चक्रण करने के महत्व से अवगत कराया जाएगा।इसके माध्यम से लोगों को अनावश्यक कचरा उत्पन्न करने से बचने, वस्तुओं का अधिकतम उपयोग करने तथा पुनर्चक्रण योग्य सामग्रियों का उचित प्रबंधन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस पहल से संसाधनों के संरक्षण, कचरे में कमी तथा पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।
जिला पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, साहिबगंज की ओर से आमजनों से अपील की गई है कि वे ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा अपने घर, गांव, पंचायत एवं आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने में सक्रिय सहयोग करें।लोगों से आग्रह किया गया है कि वे स्वच्छता को केवल अभियान की अवधि तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कचरे का उचित प्रबंधन करने, जलस्रोतों को स्वच्छ रखने तथा अन्य लोगों को जागरूक करने में भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।अभियान के माध्यम से जनभागीदारी, सामूहिक प्रयास एवं स्वच्छता के प्रति सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देकर स्वच्छ, स्वस्थ, सुंदर एवं समृद्ध समाज के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। स्वच्छता के प्रति प्रत्येक नागरिक की जागरूकता एवं सक्रिय सहभागिता से ही स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।




