SIR-2026 के पुनरीक्षण कार्यों की आयोग के सचिव ने की समीक्षा।
निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने और पात्र मतदाताओं का नाम सुनिश्चित करने के दिए निर्देश।

पाकुड़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर समाहरणालय स्थित सभागार में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता भारत निर्वाचन आयोग के सचिव संजीव कुमार प्रसाद ने की। बैठक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने, पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने तथा अपात्र नामों को नियमानुसार चिन्हित करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखंड के देवदास दत्ता, जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO), उप निर्वाचन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO), अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आयोग के सचिव संजीव कुमार प्रसाद ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण महत्वपूर्ण एवं जिम्मेदारीपूर्ण कार्य है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। पुनरीक्षण एवं सत्यापन के दौरान दस्तावेजों की जांच पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ करने पर उन्होंने विशेष जोर दिया।
बैठक में सचिव ने निर्देश दिया कि गलत, संदिग्ध अथवा अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन की कार्रवाई नहीं की जाए। सभी मामलों में निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जा सके।

इस दौरान जिले में SIR-2026 के तहत अब तक किए गए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न स्तरों पर चल रहे पुनरीक्षण एवं सत्यापन कार्यों की स्थिति की जानकारी लेते हुए लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। आयोग के सचिव ने जिले में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों एवं कर्मियों की सक्रियता की प्रशंसा की।
बैठक के दौरान ERO एवं AERO के समक्ष सुनवाई के दौरान आ रही प्रक्रियागत एवं दस्तावेज संबंधी समस्याओं से भी आयोग के सचिव को अवगत कराया गया। उन्होंने संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी मामलों का नियमानुसार परीक्षण एवं निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित 11 दस्तावेजों में से कम-से-कम एक वैध दस्तावेज उपलब्ध होना आवश्यक है। दस्तावेजों की जांच एवं सत्यापन के दौरान निर्धारित नियमों का पूरी तरह पालन करने का निर्देश दिया गया।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के सचिव द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में किसी प्रकार की शंका या अस्पष्टता नहीं है, उनका प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिन मामलों में संदेह हो अथवा दस्तावेजों को लेकर स्पष्टता नहीं हो, उन्हें अलग से चिन्हित कर प्रतिवेदन तैयार किया जाए तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को SIR-2026 के तहत प्राप्त दस्तावेजों की जांच एवं सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप सावधानीपूर्वक करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण कार्य में पारदर्शिता, शुद्धता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित किए जाएं और मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं अद्यतन बनाया जाए।
बैठक के अंत में संबंधित पदाधिकारियों को आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप शेष कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा किसी भी प्रकार की समस्या या अस्पष्टता की स्थिति में उच्चाधिकारियों से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।



