झारखंड

शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता, बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों की भूमिका अहम : उपायुक्त मेघा भारद्वाज।

शिक्षक दिवस पर जिले के सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को उपायुक्त ने दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

पाकुड़। भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के मौके पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले के सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त करते हुए उनके सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की।

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षक राष्ट्र के भविष्य के निर्माता होते हैं। एक शिक्षक केवल बच्चों को किताबी ज्ञान ही नहीं देता, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार, आत्मविश्वास, अनुशासन तथा नैतिक मूल्यों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बच्चों के जीवन को सही दिशा देने और उन्हें एक जिम्मेदार एवं सक्षम नागरिक बनाने में शिक्षकों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर टिकी होती है। विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी प्रतिभा और रुचियों को पहचानना भी आवश्यक है। प्रत्येक बच्चे में अलग-अलग क्षमताएं और संभावनाएं होती हैं। ऐसे में शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर एवं मार्गदर्शन प्रदान करें।

उपायुक्त ने जिले के सभी शिक्षकों से और अधिक समर्पण, संवेदनशीलता एवं निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का मार्गदर्शन बच्चों के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य करता है। शिक्षक यदि प्रत्येक विद्यार्थी की जरूरत, क्षमता और परिस्थिति को समझते हुए उसका मार्गदर्शन करें, तो बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनका सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों का उज्ज्वल भविष्य ही जिले और देश का उज्ज्वल भविष्य है। इसलिए शिक्षकों को बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ उनके सामाजिक, मानसिक, नैतिक एवं व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों में जिम्मेदारी, अनुशासन, सहयोग, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की भावना विकसित करने में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

उपायुक्त ने कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी निरंतर बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों एवं तकनीकों को अपनाते हुए बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को केवल परीक्षा एवं अंकों तक सीमित न रखते हुए उन्हें जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करें।

उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास पैदा कर सकते हैं। एक संवेदनशील शिक्षक किसी बच्चे के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उसके भविष्य की मजबूत आधारशिला भी रख सकता है।

शिक्षक दिवस के अवसर पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले के सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके निरंतर प्रयास और समर्पण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने सभी शिक्षकों के सुखद, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि वे इसी प्रकार पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ बच्चों के शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करते रहें।

उपायुक्त ने जिले के सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को एक बार फिर शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और कहा कि शिक्षकों का ज्ञान, मार्गदर्शन एवं संस्कार ही आने वाली पीढ़ी को मजबूत, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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