राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं।
झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष शबनम परवीन ने साहिबगंज में की समीक्षा बैठक, शिकायतों के 15 दिनों में गुणवत्तापूर्ण निष्पादन का दिया निर्देश।

साहिबगंज। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, पोषण आहार वितरण तथा प्राप्त जन शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन को लेकर झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्या शबनम परवीन की अध्यक्षता में साहिबगंज परिसदन में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले में खाद्य आपूर्ति, समाज कल्याण, कल्याण सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आयोग को प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी मामलों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करते हुए 15 दिनों के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन आयोग को उपलब्ध कराया जाए।
बैठक को संबोधित करते हुए शबनम परवीन ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न तथा निर्धारित सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर शिकायत प्राप्त होने की स्थिति में संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है कि उसका त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करने तथा पात्र लाभुकों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

समीक्षा बैठक से पूर्व प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्या शबनम परवीन ने राजमहल प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे पूरक पोषण आहार, केंद्रों की साफ-सफाई एवं रख-रखाव, कार्यकर्ताओं की उपस्थिति तथा अभिलेखों के संधारण की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जहां आवश्यक सुधार की आवश्यकता पाई गई, वहां संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके बाद उन्होंने राजमहल प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण कर मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन तैयार किए जाने की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए।
शबनम परवीन ने सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने जिले के विभिन्न जन वितरण दुकानों (पीडीएस) का निरीक्षण कर लाभुकों को खाद्यान्न वितरण की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों को ससमय, सही मात्रा में एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई।
प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्या ने कहा कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे लाभुकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।
समीक्षा बैठक में अपर उपायुक्त विजय कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक उर्मिला हांसदा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी सहित खाद्य आपूर्ति, समाज कल्याण, कल्याण एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।




