उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न, विभागों के बेहतर समन्वय से विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश।
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, सड़क परियोजनाओं, भू-अर्जन, मनरेगा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा, सभी विभागों को समयबद्ध एवं परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाने का निर्देश।

पाकुड़। समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा जनहित से जुड़े कार्यों में तेजी लाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित संवाद और सामूहिक प्रयासों पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी तालमेल एवं समन्वित कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करते हुए आम जनता से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा के भीतर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान आधारभूत संरचना विकास, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, ग्रामीण विकास कार्यक्रम, पेयजल, स्वच्छता तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागों को योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा कार्यों में आ रही बाधाओं का आपसी समन्वय से शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए।
पथ निर्माण विभाग एवं ग्रामीण कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माणाधीन एवं लंबित सड़क परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही भू-अर्जन एवं भूमि संबंधी लंबित मामलों पर भी गंभीर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं एवं अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर भूमि विवादों एवं लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि विकास कार्य किसी भी स्तर पर बाधित न हों और परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके।

बैठक में जिला परिषद, स्वास्थ्य विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नगर परिषद, विशेष प्रमंडल, विद्युत विभाग, खेल विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग तथा कल्याण विभाग से संबंधित विभिन्न लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करें।
बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के अंतर्गत जिले में लाइनर प्लांटेशन सड़क एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के किनारे पौधारोपण के कार्यों का दायरा बढ़ाने पर विशेष बल दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सतत रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण कराया जाए तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक के अंत में उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि सभी विभाग शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप समन्वित, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी कार्यशैली अपनाएं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे, यही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक विभाग जवाबदेही के साथ कार्य करे और सुशासन एवं सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता को और अधिक मजबूत बनाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी, सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमित कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी मो. मोजाहिद अंसारी, सहित सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




