गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा प्रशासन, एसडीओ ने परिवारों के बीच बांटी राहत सामग्री।
गदाई दियारा क्षेत्र का किया स्थल निरीक्षण, ग्रामीणों से ली स्थिति की जानकारी; अधिकारियों को सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश।

साहिबगंज। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राजमहल अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शुक्रवार को राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने गंगा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गदाई दियारा क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया तथा स्थानीय ग्रामीणों से बाढ़ की स्थिति, जलस्तर, आवागमन और उत्पन्न समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच आवश्यक खाद्य एवं पेय सामग्री का वितरण कराया। प्रभावित परिवारों को चूड़ा, गुड़, बिस्किट एवं पेयजल उपलब्ध कराया गया, ताकि बाढ़ की स्थिति में उन्हें तत्काल आवश्यक राहत मिल सके। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

एसडीओ सदानंद महतो ने क्षेत्र में गंगा के जलस्तर की स्थिति के साथ-साथ ग्रामीणों के आवागमन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण कर स्थिति का आकलन करते रहें और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर विशेष नजर रखें। साथ ही, बाढ़ प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत सामग्री पहुंचाने तथा आमजनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा।
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रभावित परिवारों को आवश्यकता के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ के दौरान किसी भी परिवार को आवश्यक खाद्य सामग्री, पेयजल एवं अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी नहीं होने देना है।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी तरह की समस्या की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करें। विशेष रूप से आवागमन प्रभावित होने की स्थिति में लोगों की सुरक्षा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर रहने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, राजमहल मो. यूसुफ सहित संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से गंगा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है तथा जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा के जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा, राहत सामग्री की उपलब्धता और आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।




