अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित।
सर्पदंश से बचाव, समय पर उपचार और जनजागरूकता पर दिया गया जोर; सभी प्रखंडों में निकाली गई जागरूकता रैली।

साहिबगंज। अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय, साहिबगंज के सभागार में सर्पदंश की रोकथाम एवं नियंत्रण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने की। इसका उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को सर्पदंश से बचाव, समय पर उपचार और प्रभावी जनजागरूकता के प्रति प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ), प्रखंड डाटा प्रबंधकों तथा सिविल सर्जन कार्यालय के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया। सर्पदंश से बचाव का संदेश आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान सर्पदंश की पहचान, प्राथमिक उपचार, मरीज को समय पर स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने, चिकित्सा प्रक्रिया एवं उचित रेफरल से संबंधित जानकारी दी गई। साथ ही, सर्पदंश की स्थिति में क्या करें और क्या न करें, इस विषय पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों को सर्पदंश के मामलों की समय पर रिपोर्टिंग तथा मृत्यु की रोकथाम में उनकी भूमिका से भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर वन विभाग के सर्प मित्र जितेंद्र हजारी ने विभिन्न विषैले एवं गैर-विषैले सांपों को सुरक्षित रूप से प्रशिक्षण स्थल पर लाकर प्रतिभागियों को उनकी पहचान, विशेषताओं और व्यवहार की प्रत्यक्ष जानकारी दी। वहीं, प्रशिक्षक के रूप में डॉ. रंजन कुमार, डॉ. मुकेश कुमार एवं डॉ. अमित कुमार ने सर्पदंश के मामलों में आवश्यक चिकित्सा सहायता, उपचार एवं समय पर रेफरल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
सिविल सर्जन डॉ. रामदेव पासवान ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों को सर्पदंश से संबंधित आवश्यक एवं व्यावहारिक जानकारी देना, समुदाय में जागरूकता बढ़ाना तथा सर्पदंश से होने वाली अनावश्यक मौतों को रोकना है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाने और सर्पदंश के प्रत्येक मामले की उचित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के अवसर पर जिले के सभी प्रखंडों के स्वास्थ्य संस्थानों में सर्पदंश जागरूकता रैली भी निकाली गई। इसके माध्यम से आमजनों को सर्पदंश से बचाव, तत्काल चिकित्सा सहायता लेने तथा झाड़-फूंक एवं अंधविश्वास से दूर रहने के प्रति जागरूक किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने आमजनों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं और झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय मरीज को बिना विलंब निकटतम स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाएं, ताकि उसे उचित चिकित्सा सहायता मिल सके। विभाग ने कहा कि सामूहिक प्रयास, जनजागरूकता और समय पर उपचार से सर्पदंश से होने वाली गंभीर जटिलताओं एवं मृत्यु की रोकथाम की जा सकती है।




