साहिबगंज में स्थायी लोक अदालत की भूमिका एवं कार्यप्रणाली पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित।
सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों के सरल, त्वरित एवं कम खर्चीले समाधान की दी गई जानकारी।

साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज अखिल कुमार के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज में स्थायी लोक अदालत की भूमिका एवं कार्यप्रणाली विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से आम नागरिकों को स्थायी लोक अदालत की भूमिका, अधिकारिता, कार्यप्रणाली तथा इसके माध्यम से विवादों के समाधान की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश मिश्रा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहिबगंज के सचिव विश्वनाथ भगत की उपस्थिति रही। इस दौरान उपस्थित नागरिकों को सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में जागरूक किया गया। वक्ताओं ने बताया कि स्थायी लोक अदालत आम लोगों को विवादों के सरल, त्वरित, सौहार्दपूर्ण एवं कम खर्चीले समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम उपलब्ध कराती है।
शिविर में नागरिकों को बिजली, जलापूर्ति, स्वच्छता सहित विभिन्न सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित मामलों में उनके अधिकारों और उपलब्ध विधिक उपायों की जानकारी दी गई। बताया गया कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित पात्र विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान मंच है, जहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत नागरिक अपने विवाद के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने स्थायी लोक अदालत की भूमिका, अधिकारिता एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित पात्र विवादों के समाधान के लिए नागरिक स्थायी लोक अदालत का लाभ उठा सकते हैं। इसका उद्देश्य विवादों का यथासंभव सौहार्दपूर्ण एवं त्वरित समाधान सुनिश्चित करते हुए आम नागरिकों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि आम लोगों को अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। जागरूकता के अभाव में कई लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध विधिक मंचों का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में विधिक जागरूकता शिविर नागरिकों को उनके अधिकारों और न्याय प्राप्ति के साधनों से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं डीएलएसए सचिव विश्वनाथ भगत ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की विधिक समस्या अथवा विवाद की स्थिति में वे विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क करें तथा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता एवं कानूनी सलाह का लाभ उठाएं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक या अन्य किसी कारण से कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा संस्थाओं के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों को यह भी बताया गया कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित पात्र विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत में किस प्रकार संपर्क किया जा सकता है और वहां उपलब्ध प्रक्रिया का लाभ कैसे लिया जा सकता है।
शिविर में वक्ताओं ने कहा कि स्थायी लोक अदालत न्याय को आमजन के लिए सुलभ, त्वरित एवं कम खर्चीला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवाद कई बार आम नागरिकों के दैनिक जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों में उपलब्ध वैकल्पिक विवाद समाधान व्यवस्था के प्रति लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।
वक्ताओं ने नागरिकों से कहा कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी समस्या की स्थिति में उचित विधिक मंच का सहारा लें। विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को न केवल उनके अधिकारों की जानकारी दी जा रही है, बल्कि उन्हें उपलब्ध कानूनी उपायों का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों से अपील की गई कि वे स्थायी लोक अदालत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही विधिक सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। साथ ही अपने आसपास के लोगों, परिवारजनों एवं समाज के अन्य सदस्यों को भी इन सुविधाओं के प्रति जागरूक करें।
अधिकारियों ने कहा कि विधिक जागरूकता से ही नागरिक अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उचित कानूनी उपाय अपना सकते हैं। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने तथा लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।




