80वें स्वतंत्रता दिवस पर साहिबगंज के सिद्धो-कान्हू स्टेडियम में वीर शहीदों के परिजनों और झारखंड आंदोलनकारियों का हुआ सम्मान।
उपायुक्त दीपक कुमार दुबे एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित, शहीदों और आंदोलनकारियों के त्याग एवं संघर्ष को किया नमन।

साहिबगंज। 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर साहिबगंज के सिद्धो-कान्हू स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में देश की आजादी तथा झारखंड राज्य के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले वीर शहीदों के आश्रितों एवं अलग झारखंड राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान जिला प्रशासन की ओर से शहीद परिवारों और राज्य आंदोलनकारियों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।
मुख्य समारोह के दौरान उपायुक्त दीपक कुमार दुबे एवं पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सिंह ने जिले के वीर शहीदों के आश्रितों तथा अलग झारखंड राज्य आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले लोगों के प्रति प्रशासन एवं उपस्थित लोगों ने सम्मान और आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर उपायुक्त दीपक कुमार दुबे ने कहा कि देश की स्वतंत्रता और झारखंड राज्य के निर्माण का इतिहास वीरों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों तथा अलग झारखंड राज्य के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
उन्होंने कहा कि शहीदों और आंदोलनकारियों का त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके संघर्षों के कारण ही आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे वीर सपूतों और आंदोलनकारियों के प्रति सदैव सम्मान की भावना रखता है।
समारोह में शहीदों के आश्रितों और झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मानित किया जाना स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण एवं भावनात्मक क्षण रहा। इस दौरान उपस्थित लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों तथा अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष करने वाले आंदोलनकारियों के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।

सम्मान समारोह के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और झारखंड के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वीर सपूतों एवं आंदोलनकारियों का त्याग और संघर्ष हमेशा सम्मान एवं स्मरण के योग्य रहेगा।




