जल जीवन मिशन के तहत बासकेंद्री में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम आयोजित, ग्रामीणों को जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज के प्रति किया गया जागरूक।
जल नहीं तो जीवन नहीं’ का दिया संदेश, 10 पेयजल योजनाएं ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सौंपी गईं; ग्रामीणों ने उत्साह के साथ जमा किया ₹1,700 जलकर।

महेशपुर पाकुड़। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, पाकुड़ की ओर से सोमवार, को महेशपुर प्रखंड की बासकेंद्री पंचायत अंतर्गत ग्राम बासकेंद्री में ‘जल अर्पण’ गतिविधि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को जल संरक्षण, भूजल रिचार्ज, वर्षा जल संचयन, जल प्रबंधन, स्वच्छ पेयजल एवं पेयजल योजनाओं के बेहतर संचालन और रखरखाव के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड प्रमुख शुभ लक्ष्मी मुर्मू, पंचायत के मुखिया निर्मल हेंब्रम एवं पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, पाकुड़ के कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान ग्रामीणों को जल के महत्व का संदेश देते हुए कहा गया कि जल आनंद का स्रोत, ऊर्जा का भंडार, कल्याणकारी, पवित्र करने वाला तथा मां की तरह पोषक और जीवनदाता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रमुख शुभ लक्ष्मी मुर्मू ने कहा कि जल मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकता है और ‘जल नहीं तो जीवन नहीं।’ मानव विकास के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल से जल’ योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के घर-आंगन तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इन योजनाओं को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने के लिए सामुदायिक सहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह ने ‘जल अर्पण’ गतिविधि के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों को भूजल रिचार्ज, जल संरक्षण, जल प्रबंधन, जल के अनावश्यक दोहन पर रोक तथा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए समुदाय की भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने पेयजल योजनाओं के सुचारू संचालन एवं रखरखाव के लिए गृह संयोजक शुल्क ₹310 एक बार तथा जलकर ₹62 प्रतिमाह नियमित रूप से जमा करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान बासकेंद्री पंचायत में संचालित सभी 10 पेयजल योजनाओं का हस्तांतरण ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को किया गया। इसका उद्देश्य पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
पंचायत के मुखिया निर्मल हेंब्रम ने ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के संचालन एवं रखरखाव, वर्षा जल संचयन तथा जलकर शुल्क के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय से ही पेयजल योजनाओं का दीर्घकाल तक सुचारू एवं प्रभावी संचालन संभव है।

जिला समन्वयक आईईसी इमरान आलम के नेतृत्व में कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इसमें प्रभात फेरी, जल यात्रा, जल शपथ, जल श्रृंगार एवं जल बंधन जैसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण और स्वच्छ पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नापित पाड़ा, कुचा टोला, साहा टोला एवं मस्जिद टोला के ग्रामीणों ने जलकर जमा करने में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मौके पर ही जलसहिया आशा देवी द्वारा लाभुकों को जलकर की प्राप्ति रसीद उपलब्ध कराई गई। इस दौरान कुल ₹1,700 जलकर के रूप में संग्रहित किया गया।
कार्यक्रम में कनीय अभियंता शुभेंदु मिश्रा, मास्टर जलसहिया मिंकी देवी, पंचायत की सभी जलसहिया दीदियां, स्वयं सहायता समूह की दीदियां, विद्यालय के बच्चे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जल का संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी है। जल स्रोतों का संरक्षण, भूजल का पुनर्भरण और पेयजल का विवेकपूर्ण उपयोग ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल भविष्य सुनिश्चित कर सकता है।



