मुक्तेश्वर धाम गंगा घाट पर चला विशेष गंगा स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान।
प्लास्टिक मुक्त गंगा, स्वच्छ गंगा' का दिया गया संदेश, वन महोत्सव सप्ताह में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प।

साहिबगंज। गंगा संरक्षण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संवर्धन के उद्देश्य से रविवार की सुबह साहिबगंज के पवित्र मुक्तेश्वर धाम गंगा घाट पर विशेष गंगा स्वच्छता एवं श्रमदान अभियान का आयोजन किया गया। यह अभियान गंगा मिशन, कोलकाता के सौजन्य तथा नगर परिषद, साहिबगंज के सहयोग से आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा केंद्र के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, नगर परिषद के कर्मियों, जिला गंगा समिति के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर गंगा घाट की व्यापक साफ-सफाई की तथा स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।
अभियान के दौरान घाट परिसर में फैले प्लास्टिक, पॉलीथिन, बोतलें तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित कर उनका वैज्ञानिक एवं समुचित निस्तारण किया गया। सभी प्रतिभागियों ने “प्लास्टिक मुक्त गंगा, स्वच्छ गंगा” का सामूहिक संकल्प लिया और आम नागरिकों से गंगा तटों पर कूड़ा-कचरा एवं प्लास्टिक नहीं फेंकने की अपील की।

इस अवसर पर राजमहल मॉडल कॉलेज के प्राचार्य एवं जिला गंगा समिति, साहिबगंज के सदस्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्राकृतिक धरोहर है। इसकी स्वच्छता, निर्मलता एवं अविरलता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ गंगा का सपना तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए स्वच्छता अभियान से जुड़ेगा। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा गंगा तटों को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने का आह्वान किया।
डॉ. सिंह ने वन महोत्सव सप्ताह के अवसर पर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा जलवायु संतुलन के सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।

उन्होंने कहा, “सिर्फ़ 60 मिनट का श्रमदान गंगा के प्रति सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का सशक्त संदेश बन सकता है। आइए, स्वच्छ गंगा अभियान से जुड़ें और स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल गंगा के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।”
कार्यक्रम में एपीओ संजय कुमार तिवारी, नगर परिषद के कर्मी शिव हरि एवं सुरेश निर्मल, शिक्षा केंद्र के अनिकेत, नीति कुमारी तथा जिया कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली तथा गंगा संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नागरिकों से नियमित श्रमदान और जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
अभियान के दौरान मुकेश कुमार, श्याम लाल उरांव, कुंदन सहित विद्यार्थियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नगर परिषद कर्मियों एवं स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक श्रमदान कर गंगा घाट की सफाई की। इस दौरान गंगा स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं से साबुन, शैम्पू, प्लास्टिक, पॉलीथिन, दातून अथवा अन्य प्रकार का कचरा गंगा में नहीं डालने तथा खुले में शौच जैसी गतिविधियों से बचने की अपील की गई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को गंगा की स्वच्छता बनाए रखने, जलीय जीवों के संरक्षण, अवैध शिकार पर रोक लगाने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा हरित एवं प्रदूषणमुक्त पर्यावरण के निर्माण का सामूहिक संकल्प दिलाया गया।

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छ गंगा अभियान को जन-जन तक पहुँचाने, नियमित स्वच्छता एवं श्रमदान कार्यक्रमों में भाग लेने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने का संकल्प दोहराया। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता, सामूहिक प्रयास और सतत जागरूकता के माध्यम से ही गंगा को स्वच्छ, निर्मल एवं अविरल बनाए रखने का लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।

