पंचायत सचिवालय सुशासन और ग्रामीण विकास का सशक्त केंद्र बने : जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू।
उदयनारायणपुर पंचायत सचिवालय का निरीक्षण कर जनकल्याणकारी योजनाओं, नागरिक सेवाओं एवं विकास कार्यों की समीक्षा की, पारदर्शिता और समयबद्ध सेवा पर दिया जोर।

पाकुड़।जिला पंचायत राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने शनिवार को पाकुड़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत उदयनारायणपुर के पंचायत सचिवालय का निरीक्षण कर पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, नागरिक सेवाओं तथा विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI 2.0) एवं स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों का भी गहन अवलोकन किया।
निरीक्षण के क्रम में जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने पंचायत सचिवालय में अभिलेखों के संधारण, विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता की विस्तार से जांच की। उन्होंने पंचायत कर्मियों एवं जनप्रतिनिधियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए तथा सभी अभिलेखों का नियमित अद्यतन एवं सुव्यवस्थित संधारण किया जाए।

प्रीतिलता मुर्मू ने कहा कि पंचायत सचिवालय ग्रामीण प्रशासन की आधारशिला है। यह केवल योजनाओं के संचालन का केंद्र नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, सुशासन की स्थापना तथा समावेशी विकास को गति प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने पंचायत सचिवालयों को आमजन की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था और जनसहभागिता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, कर्मियों एवं आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान पंचायत में संचालित विकासात्मक गतिविधियों एवं प्रशासनिक कार्यों की सराहना करते हुए जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सामूहिक सहभागिता, प्रभावी समन्वय तथा परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने पंचायत कर्मियों को सेवा भावना के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक ई-पंचायत, पंचायत की मुखिया, पंचायत सचिव तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।




