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झारखंड

बरहरवा रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की सतर्कता से नाबालिग बालिका सुरक्षित, मानव तस्करी की आशंका टली।

सघन चेकिंग अभियान के दौरान संदिग्ध अवस्था में मिली 14 वर्षीय बच्ची को चाइल्ड हेल्पलाइन को सौंपा ।

बरहरवा साहिबगंज। रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ बरहरवा द्वारा चलाए गए सघन चेकिंग एवं सर्च अभियान के दौरान मानवता और सतर्कता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। आरपीएफ की मुस्तैदी के कारण एक नाबालिग बालिका को सुरक्षित बचा लिया गया, जो किसी गंभीर घटना का शिकार हो सकती थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में एएसआई सुरेश पासवान, कांस्टेबल अनिल कुमार साह, एलसी अर्पण कुमार एवं एलसी काजल कुमारी की टीम द्वारा शनिवार रात्रि करीब 8:10 बजे बरहरवा रेलवे स्टेशन पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। यह अभियान असामाजिक तत्वों, मानव तस्करी तथा यात्री संबंधी अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा था।

इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 01 से प्लेटफॉर्म संख्या 02 की ओर गश्त करते समय टीम की नजर प्लेटफॉर्म संख्या 02 पर एक नाबालिग बालिका पर पड़ी, जो अकेली और संदिग्ध अवस्था में इधर-उधर भटक रही थी। संदेह होने पर जब टीम ने उससे पूछताछ की, तो उसने अपनी उम्र लगभग 14 वर्ष बताई और खुद को बिहार राज्य के काशीचक थाना क्षेत्र की निवासी बताया।

बालिका ने बताया कि वह काशीचक रेलवे स्टेशन से अपनी नानी के घर पिंजारी, जिला शेखपुरा (बिहार) जाने के लिए निकली थी, लेकिन अनजाने में गलत ट्रेन में सवार हो गई। इसके चलते वह बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंच गई। अपरिचित स्थान होने के कारण वह घबराकर प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर भटक रही थी।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आरपीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बालिका को सुरक्षित आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन, साहिबगंज को तत्काल सूचना दी गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के पश्चात चाइल्ड हेल्पलाइन ‘मंथन’ के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और बालिका की काउंसलिंग की गई।

अंततः सभी विधिसम्मत प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नाबालिग बालिका को चाइल्ड हेल्पलाइन ‘मंथन’ की प्रतिनिधि अंशु मालाकर को आगे की देखरेख और कार्रवाई हेतु सौंप दिया गया।

आरपीएफ की सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के चलते एक मासूम बालिका को सुरक्षित बचाया जा सका। यह घटना न केवल रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यात्रियों विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।

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