उधवा में 51 टीबी मरीजों को गोद लेकर वितरित की गई पोषण किट।
सिविल सर्जन डॉ. राम देव पासवान के नेतृत्व में आयोजित हुआ कार्यक्रम, मरीजों को नियमित उपचार एवं पौष्टिक आहार के प्रति किया गया जागरूक।

उधवा साहिबगंज। टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी और सामुदायिक सहयोग के माध्यम से मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उधवा में टीबी मरीजों को गोद लेने एवं पोषण किट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सिविल सर्जन, साहिबगंज डॉ. राम देव पासवान ने किया। इस दौरान कुल 51 टीबी मरीजों को गोद लेकर उनके बीच पोषण किट वितरित की गई।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों, समाजसेवियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराकर उपचार की अवधि में आवश्यक पोषण सहयोग देने तथा उनके मनोबल को बढ़ाने की पहल की गई।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य टीबी मरीजों को उपचार के दौरान पोषण संबंधी सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ नियमित दवा सेवन, समय पर चिकित्सकीय जांच एवं संतुलित आहार के प्रति जागरूक करना था। इस पहल के माध्यम से मरीजों को भरोसा दिलाया गया कि उपचार की अवधि में स्वास्थ्य विभाग और समाज उनके साथ खड़ा है।
सिविल सर्जन डॉ. राम देव पासवान ने टीबी मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, चिकित्सकों के परामर्श का पालन करने तथा निर्धारित समय पर जांच कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि टीबी के उपचार में नियमितता अत्यंत महत्वपूर्ण है। मरीज चिकित्सकीय परामर्श के बिना दवा बीच में न छोड़ें तथा पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने टीबी उन्मूलन अभियान में जनभागीदारी को आवश्यक बताते हुए लोगों से अपील की कि टीबी मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। मरीजों को सामाजिक सहयोग एवं प्रोत्साहन प्रदान कर उपचार के प्रति उनका मनोबल बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक भागीदारी से ही इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मरीजों को गोद लेने एवं पोषण किट उपलब्ध कराने जैसी पहल से उनके प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत होती है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने, समय पर जांच एवं उपचार कराने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया। साथ ही, बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों एवं सामाजिक भेदभाव को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उधवा में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सिविल सर्जन, साहिबगंज डॉ. राम देव पासवान, राजमहल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उदय टुडू तथा उधवा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी) डॉ. गुफरान आलम उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त उधवा प्रखंड के सभी पंचायत प्रतिनिधि (पीआरआई सदस्य), गणमान्य व्यक्ति, समाजसेवी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उधवा के स्वास्थ्य कर्मी तथा जिला यक्ष्मा केंद्र, साहिबगंज के एसटीएस दिनेश कुमार एवं लिपिक दिनेश कुमार कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर टीबी मरीज एवं उनके सहयोगी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा मरीजों को उपचार के दौरान आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उधवा में 51 टीबी मरीजों को गोद लेकर पोषण किट वितरित करने की यह पहल सामुदायिक सहयोग, सामाजिक संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से टीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।



