मॉडल पंचायत शहरकोल का निरीक्षण: आधुनिक, पारदर्शी और सुदृढ़ पंचायत व्यवस्था की ओर बड़ा कदम।
जिला परियोजना प्रबंधक के नेतृत्व में अध्ययन भ्रमण, अन्य पंचायतों में मॉडल लागू करने की तैयारी।

पाकुड़। जिले में पंचायती राज व्यवस्था को आधुनिक, सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उपायुक्त के निर्देशानुसार विशेष अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह भ्रमण जिला परियोजना प्रबंधक (ई-पंचायत) के नेतृत्व में सदर प्रखंड अंतर्गत शहरकोल पंचायत सचिवालय में संपन्न हुआ।
इस अध्ययन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य शहरकोल पंचायत में विकसित उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे और सुदृढ़ सचिवालय मॉडल को समझना तथा उसे जिले की अन्य पंचायतों में लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाना था।
भ्रमण दल में जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, प्रखंड समन्वयक, पंचायत राज स्वशासन परिषद के प्रतिनिधि, प्रखंड प्रोजेक्ट कंसलटेंट, कनीय अभियंता एवं लेखा लिपिक सह कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान टीम ने पंचायत सचिवालय के विभिन्न कक्षों और व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया। सचिवालय में उपलब्ध सुविधाओं को जिले के लिए आदर्श मॉडल बताया गया। प्रमुख व्यवस्थाएं इस प्रकार हैं:
पंचायत ज्ञान केंद्र: युवाओं के अध्ययन और ज्ञानार्जन हेतु विकसित सुसज्जित केंद्र की सराहना की गई।

मैया कक्ष एवं ऊर्जा कक्ष: महिलाओं की सुविधा एवं वैकल्पिक ऊर्जा प्रबंधन के लिए बनाए गए कक्षों का निरीक्षण किया गया।
समावेशी आधारभूत संरचना: दिव्यांगजनों के लिए CWSN शौचालय और सुगम आवाजाही हेतु रैंप की व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया।
हेल्प डेस्क एवं VLE कक्ष: ग्रामीणों को त्वरित सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझा गया।
पदाधिकारी कक्ष: मुखिया एवं पंचायत सचिव कक्ष में फाइलों के सुव्यवस्थित रखरखाव और गरिमापूर्ण वातावरण की सराहना की गई।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आधुनिक तकनीक और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से पंचायत सचिवालय को ‘कॉर्पोरेट ऑफिस’ की तर्ज पर विकसित किया गया है। इससे आमजन को बेहतर और त्वरित सेवाएं मिल रही हैं।

कनीय अभियंताओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया, वहीं लेखा लिपिकों ने ऑनलाइन डाटा प्रविष्टि एवं रिकॉर्ड संधारण की प्रक्रिया को विस्तार से समझा।
अधिकारियों ने कहा कि शहरकोल पंचायत सचिवालय न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणास्रोत है। यहां की व्यवस्थाएं यह दर्शाती हैं कि स्पष्ट दृष्टिकोण और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ ग्रामीण स्तर पर भी उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।
इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जिले की अन्य पंचायतों को भी इसी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। भ्रमण दल द्वारा यहां से प्राप्त अनुभवों को अपने-अपने प्रखंडों में लागू करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
शहरकोल पंचायत का यह मॉडल ग्रामीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है, जो भविष्य में जिले की सभी पंचायतों को आधुनिक और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।




